कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च से जुड़े कुछ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी विवादित और भड़काऊ बयान देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और कई यूजर्स ने दिल्ली पुलिस से संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन वायरल वीडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग की तारीख, स्थान और संसद मार्च से इनके सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में किए जा रहे दावों को स्वतंत्र पुष्टि के बिना प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
संसद भवन उखाड़ दिया जाएगा, नेपाल बना दिया जाएगा… Who is fueling these cockroaches?#CJP #Parliament pic.twitter.com/O0T22Fw0Ci
— Being_Me_प्रमोद 🇮🇳 (@myselfpramo) July 20, 2026
संसद भवन को लेकर कथित विवादित बयान
वायरल हो रहे एक वीडियो में सफेद टी-शर्ट पहने एक युवक कथित रूप से संसद भवन को नुकसान पहुंचाने और सरकार के खिलाफ उग्र कदम उठाने जैसी बातें करता दिखाई देता है। वीडियो में युवक यह कहते सुना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो संसद भवन को “उखाड़ दिया जाएगा” और देश की स्थिति नेपाल जैसी कर दी जाएगी।
इस कथित बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। यूजर्स का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध की आड़ में संसद जैसी संवैधानिक संस्था को नुकसान पहुंचाने की धमकी देना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे
एक अन्य वायरल वीडियो में जंतर-मंतर पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक नारे लगाते नजर आते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो संसद मार्च शुरू होने से पहले रिकॉर्ड किया गया था।
सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वाले कई लोगों ने कहा कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा और नारेबाजी कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। लोगों ने दिल्ली पुलिस से वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने और इसमें दिखाई दे रहे व्यक्तियों की पहचान करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
एक अन्य कथित वीडियो में एक प्रदर्शनकारी मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करता दिखाई देता है।
वीडियो में वह दावा करता है कि तय तारीख को लाखों युवा संसद के बाहर पहुंचेंगे और सरकार को चुनौती देंगे। बातचीत के दौरान वह कथित तौर पर तोड़फोड़ से जुड़ी बातें भी करता सुनाई देता है। हालांकि, इस वीडियो के बारे में भी कहा जा रहा है कि इसे संसद मार्च से पहले रिकॉर्ड किया गया था।
सोशल मीडिया पर जांच और कार्रवाई की मांग
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए जांच की मांग की है। कई यूजर्स का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ या संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने वाली भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार या CJP की ओर से इन विशेष वीडियो और कथित बयानों को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीडियो की वास्तविकता, समय और स्थान की पुष्टि होने के बाद ही पूरे मामले की सही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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