उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में दो नए एक्सप्रेसवे के निर्माण, छात्राओं के लिए मुफ्त स्कूटी योजना, करीब 12 लाख शिक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज, नए महिला छात्रावासों, इलेक्ट्रिक बसों और अग्निशमन वाहनों की खरीद सहित कई योजनाओं पर मुहर लगाई है।
इसके साथ ही संभल हिंसा की जाँच रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने और उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
प्रयागराज से सोनभद्र तक बनेगा 333 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने प्रयागराज से सोनभद्र तक नया एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला किया है। यह एक्सप्रेसवे करीब 333 किलोमीटर लंबा होगा।
इस परियोजना पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेसवे बनने से प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र सहित आसपास के जिलों के बीच आवागमन आसान होगा। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी
कैबिनेट ने 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा जाएगा।
यह लिंक एक्सप्रेसवे गाजीपुर, चंदौली और मिर्जापुर जिलों से होकर गुजरेगा। परियोजना के लिए कुल 9,039 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसमें करीब 5,628 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च होंगे, जबकि शेष राशि लगभग 1,731 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी।
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल के बीच सीधी सड़क कनेक्टिविटी विकसित होगी। इससे माल परिवहन की लागत और यात्रा का समय भी कम हो सकता है।
आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच बनेगा लिंक
कैबिनेट बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
परियोजना के निर्माण के लिए ईपीसी मोड के तहत विकासकर्ता का चयन किया जाएगा। इसके बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच तेज और सुगम सड़क संपर्क स्थापित हो सकेगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे हिस्से में मार्ग परिवर्तन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। पुराने प्रस्तावित रास्ते में कई मकान आ रहे थे, इसलिए मार्ग में बदलाव किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस बदलाव से परियोजना की कुल लागत में कोई वृद्धि नहीं होगी।
टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मिलेगी मुफ्त पेट्रोल स्कूटी
महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ शुरू करने का फैसला किया है।
योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में उत्तीर्ण होने वाली टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल स्कूटी दी जाएगी।
सरकार ने योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इससे करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने की संभावना है।
योजना में दिव्यांग छात्राओं, शहीदों की बेटियों और निराश्रित परिवारों से आने वाली छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है।
वाराणसी में बनेंगे दो नए महिला छात्रावास
छात्राओं के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार करते हुए कैबिनेट ने वाराणसी में दो नए छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी है।
वाराणसी के बसंत महिला विश्वविद्यालय में 2.48 करोड़ रुपये की लागत से 112 छात्राओं की क्षमता वाला महिला छात्रावास बनाया जाएगा।
इसके अलावा वाराणसी में करीब 6 हजार वर्ग मीटर भूमि पर 500 छात्राओं की क्षमता वाला ‘मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास’ तैयार किया जाएगा।
झांसी, मेरठ, आगरा और गोरखपुर में ऐसे छात्रावासों के निर्माण के लिए सरकार पहले ही करीब 83 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है।
12 लाख शिक्षा कर्मियों को मिलेगा मुफ्त कैशलेस इलाज
योगी सरकार ने प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के लिए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना’ को मंजूरी दी है।
इस योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों को मिलेगा।
लाभार्थी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने, आपातकालीन चिकित्सा, सर्जरी, जाँच, दवाओं और नियमानुसार कुछ ओपीडी सेवाओं का खर्च कवर किया जाएगा।
सरकार प्रत्येक लाभार्थी के लिए सालाना 3,000 रुपये का बीमा प्रीमियम स्वयं वहन करेगी। कर्मचारियों को इसके लिए अपनी जेब से कोई राशि नहीं देनी होगी।
इस फैसले से शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में इलाज के खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा में मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध और अध्ययन को बढ़ावा देने का भी फैसला किया है।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शोध पीठ स्थापित करने के लिए पात्र विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ रुपये और महाविद्यालयों को 1 करोड़ रुपये तक की धनराशि दी जाएगी।
इस राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाएगा और उससे मिलने वाले ब्याज का उपयोग शोध, अध्ययन और संबंधित गतिविधियों में किया जाएगा।
योजना का लाभ उन्हीं महाविद्यालयों को मिलेगा जो कम से कम 50 वर्ष पुराने हों और जिनकी छात्र क्षमता 5 हजार या उससे अधिक हो।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम खरीदेगा 220 नई बसें
राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 220 नई बसें खरीदने की मंजूरी दी गई है।
इनमें 50 और 42 सीटों वाली इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल होंगी। बसों की खरीद पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
नई बसों से यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
अग्निशमन विभाग को मिलेंगे वाटर और फोम टैंकर
आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को आधुनिक और छोटे आकार के नए वाहन उपलब्ध कराए जाएँगे।
सरकार ने 44 वाटर टैंकर और 5 फोम टैंकर खरीदने को मंजूरी दी है। इन वाहनों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वे संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आसानी से पहुँच सकें।
इससे आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा।
आउटसोर्सिंग पोर्टल और कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट
कैबिनेट ने आउटसोर्सिंग निगम के पोर्टल और कर्मचारियों के वेतन सहित प्रशासनिक खर्चों के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
सरकार का लक्ष्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती, भुगतान और सेवा संबंधी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
3 अगस्त से शुरू होगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
सत्र के दौरान राज्य सरकार जरूरी विधायी कार्य पूरे करेगी और अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा।
योगी सरकार संभल हिंसा की जाँच रिपोर्ट को भी विधानसभा के पटल पर रखेगी। इस रिपोर्ट को सदन में पेश करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष संभल हिंसा और राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित मुद्दों सहित कई विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है।
कई अन्य विभागों के प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
कैबिनेट बैठक में महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा, राज्य कर, परिवहन, सचिवालय प्रशासन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और सहकारिता विभाग से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
योगी सरकार के इन फैसलों का सीधा असर राज्य की सड़क कनेक्टिविटी, महिला शिक्षा, कर्मचारी कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ने की उम्मीद है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel