झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सोमवार, 10 अगस्त 2026 को बड़ी कार्रवाई सामने आई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच से जुड़ी है।
खियांग्ते से CID इससे पहले कई दौर की पूछताछ कर चुकी थी। 3 अगस्त को भी उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ हुई थी। जांच एजेंसी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
JPSC मामले में अब तक 20 लोगों की गिरफ्तारी
CID ने पिछले कुछ दिनों में JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में अपनी कार्रवाई लगातार तेज की है। 6 अगस्त तक जांच एजेंसी इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी। पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद यह संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
जांच का केंद्र JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और उससे जुड़ी कथित अनियमितताएं हैं। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया और इसमें शामिल अलग-अलग लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले भी कई बार हुई थी एल. खियांग्ते से पूछताछ
एल. खियांग्ते CID जांच के दायरे में पहले से थे। जुलाई में CID ने उनसे पूछताछ की थी और उनके आधिकारिक आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी भी ली गई थी। खियांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने बाद में कहा था कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा।
इसके बाद CID ने उनसे कई दौर में पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने और कथित तौर पर अहम साक्ष्य जुटाए जाने के बाद सोमवार को उनकी गिरफ्तारी हुई।
JPSC परीक्षा मामले में ED की भी एंट्री
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का मामला अब केवल CID की जांच तक सीमित नहीं रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले में Enforcement Case Information Report यानी ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ED की जांच मुख्य रूप से कथित वित्तीय लेन-देन और संभावित मनी ट्रेल पर केंद्रित होगी। एजेंसी ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा की कथित अनियमितताओं के पीछे किसी तरह का अवैध वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं।
पैसों के लेन-देन की जांच करेगी ED
रिपोर्ट्स के मुताबिक ED की टीम JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेन-देन और मामले में शामिल व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी।
ED का मामला ऐसे समय सामने आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।
विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे छात्र
सोमवार को रांची में बड़ी संख्या में छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे। परीक्षा विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से राज्य में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मुद्दे की गूंज झारखंड विधानसभा तक भी पहुंच चुकी है।
ऐसे समय में JPSC के पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी और ED द्वारा अलग से जांच शुरू किए जाने से परीक्षा विवाद और गंभीर हो गया है। अब सभी की नजर CID और ED की आगे की कार्रवाई पर है।
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