चीन के पूर्वी तट पर शक्तिशाली टाइफून डॉल्फिन (Typhoon Dolphin) ने भारी तबाही मचाई है। रविवार, 9 अगस्त 2026 को डॉल्फिन ने पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के युहुआन इलाके के पास लैंडफॉल किया। उस समय तूफान के केंद्र के आसपास हवाओं की रफ्तार करीब 151 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। इसे 2026 में अब तक चीन से टकराने वाला सबसे शक्तिशाली ट्रॉपिकल साइक्लोन बताया गया है।
टाइफून के असर से झेजियांग, शंघाई और आसपास के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने, अचानक बाढ़ आने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर 10 लाख से ज्यादा लोगों को प्रभावित और संवेदनशील इलाकों से हटाया गया है।
झेजियांग में टकराया Typhoon Dolphin
चीन के मौसम अधिकारियों के मुताबिक टाइफून डॉल्फिन ने 9 अगस्त को स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 5:30 बजे झेजियांग के युहुआन के पास पूर्वी तट पर लैंडफॉल किया। इसके साथ ही तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं और अत्यधिक बारिश का दौर शुरू हो गया।
डॉल्फिन की ताकत को देखते हुए चीन में उच्च स्तर की मौसम चेतावनियां जारी की गईं। अधिकारियों का सबसे बड़ा फोकस तेज हवाओं के साथ होने वाली भारी बारिश और उससे पैदा होने वाली बाढ़ तथा भूस्खलन की आशंका पर रहा।
जमीन पर आने के बाद डॉल्फिन कमजोर जरूर हुआ, लेकिन इसका विशाल बारिश वाला सिस्टम पूर्वी चीन के बड़े हिस्से में सक्रिय बना रहा। 10 अगस्त को भी शंघाई, झेजियांग और आसपास के प्रांतों में भारी बारिश और तूफानी मौसम से जनजीवन प्रभावित हुआ।
🌧️Typhoon Dolphin is bringing strong winds and heavy rain to Zhejiang. As the typhoon approaches, stay alert, follow official safety updates, avoid unnecessary outdoor activities, secure loose items, and prepare essential supplies in advance. pic.twitter.com/KNnr2cS4P5
— Shuijingjing Nanxun (@NanxunHuzhou) August 10, 2026
10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
खतरे को देखते हुए चीन ने तूफान के तट पर पहुंचने से पहले बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था।
सबसे प्रभावित क्षेत्रों में झेजियांग का वेंझोउ शामिल रहा, जहां लाखों लोगों को जोखिम वाले इलाकों से बाहर निकाला गया। ताइझोउ तथा चीन के दूसरे तटीय क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
10 अगस्त तक अलग-अलग रिपोर्टों में कुल विस्थापन का आंकड़ा 10 लाख से अधिक बताया गया है। कुछ ताजा रिपोर्टों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में निकाले गए लोगों की संख्या इससे भी काफी ज्यादा हो सकती है।
Shanghai में भारी बारिश, 1300 से ज्यादा उड़ानें रद्द
टाइफून डॉल्फिन ने चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई के हवाई यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर के पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट और होंगकियाओ एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में रद्द उड़ानों की संख्या अलग रही है। ताजा रिपोर्टों में 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द होने की बात सामने आई है, जबकि 10 अगस्त के दौरान अलग-अलग समय पर लगभग 950 से लेकर 1,300 से अधिक उड़ानों के रद्द होने की रिपोर्ट दर्ज की गई।
रेल, समुद्री परिवहन और दूसरी सार्वजनिक सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है।
An enhanced monsoon intensified by Typhoon Dolphin flooded several neighborhoods in Manila and other parts of the western Philippines pic.twitter.com/tswCVy6iTy
— Reuters (@Reuters) August 9, 2026
Shanghai में सड़कों पर भरा पानी
डॉल्फिन के कमजोर होकर ट्रॉपिकल स्टॉर्म बनने के बावजूद शंघाई में भारी बारिश जारी रही। शहर के कई हिस्सों में जलभराव देखा गया और कुछ इलाकों में लोगों को घुटनों तक पानी के बीच चलते देखा गया।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक शंघाई के कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहरी बाढ़ का खतरा बढ़ा। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में गैर-जरूरी गतिविधियों को रोकने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी।
क्या है टाइफून डॉल्फिन?
टाइफून डॉल्फिन किसी अलग प्रकार का तूफान नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली ट्रॉपिकल साइक्लोन है।
पश्चिमी उत्तरी प्रशांत महासागर में बनने वाले शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को आमतौर पर Typhoon कहा जाता है। इसी तरह के सिस्टम को अटलांटिक और पूर्वी उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में Hurricane कहा जाता है।
ऐसे तूफानों को गर्म समुद्री पानी से ऊर्जा मिलती है। गर्म समुद्र से बड़ी मात्रा में जलवाष्प वातावरण में जाती है। जलवाष्प ऊपर जाकर संघनित होती है और ऊर्जा छोड़ती है, जिससे कम दबाव वाला सिस्टम और मजबूत हो सकता है। अनुकूल वातावरण मिलने पर इसके चारों ओर हवाएं तेजी से घूमने लगती हैं और शक्तिशाली ट्रॉपिकल साइक्लोन विकसित हो जाता है।
El #TifónDolphin azotó las aguas al norte de Taiwan, #China, provocando cientos de incidentes relacionados con la tormenta y dejando seis personas heridas.
La circulación exterior del tifón provocó fuertes vientos e intensas precipitaciones en varias zonas del norte de Taiwan pic.twitter.com/d84C4AUuQU
— David de la Paz 戴维 (@daviddelapaz) August 9, 2026
6000 किलोमीटर लंबा सफर बना डॉल्फिन को असामान्य
टाइफून डॉल्फिन का ट्रैक भी मौसम विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। रिपोर्टों के अनुसार इस सिस्टम ने प्रशांत क्षेत्र में करीब 6,000 किलोमीटर की यात्रा की और इसका जीवनकाल सामान्य चक्रवातों की तुलना में असामान्य रूप से लंबा रहा।
इसका बादलों का क्षेत्र भी बेहद विशाल था। यही वजह है कि तूफान का प्रभाव केवल लैंडफॉल वाली जगह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूर्वी और मध्य चीन के बड़े इलाके इसकी बारिश से प्रभावित हुए।
बाढ़ और भूस्खलन सबसे बड़ा खतरा
टाइफून के दौरान 151 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं खतरनाक थीं, लेकिन प्रशासन के लिए इससे भी बड़ी चिंता इसकी भारी और लंबे समय तक चलने वाली बारिश है।
डॉल्फिन जैसे विशाल सिस्टम के धीमी गति से आगे बढ़ने पर किसी क्षेत्र में कई घंटों या दिनों तक बारिश हो सकती है। इससे छोटी नदियां और पहाड़ी नाले तेजी से उफान पर आ सकते हैं।
पहाड़ी इलाकों में मिट्टी में अत्यधिक पानी भरने पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि तूफान के कमजोर होने के बाद भी अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
चीन के कई प्रांतों में आगे भी भारी बारिश का खतरा
डॉल्फिन के अंतर्देशीय इलाकों की ओर बढ़ने के साथ इसका प्रभाव झेजियांग से आगे दूसरे प्रांतों तक फैल रहा है। 10 अगस्त की रिपोर्टों में मध्य चीन के हुबेई और हेनान की दिशा में सिस्टम के बढ़ने तथा उत्तर की ओर बारिश फैलने की संभावना जताई गई।
बीजिंग में भी भारी बारिश और बाढ़ को लेकर चेतावनियां जारी की गई हैं।
इससे स्पष्ट है कि टाइफून का लैंडफॉल खत्म होने का मतलब खतरे का तत्काल खत्म होना नहीं है। चक्रवात कमजोर होने के बाद भी उसका नमी और बारिश वाला हिस्सा सैकड़ों किलोमीटर दूर तक प्रभाव डाल सकता है।
जापान, ताइवान और फिलीपींस में भी असर
चीन पहुंचने से पहले डॉल्फिन और उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियों का असर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई दिया।
फिलीपींस में डॉल्फिन ने सीधे लैंडफॉल नहीं किया, लेकिन इसने वहां मौजूदा मॉनसून बारिश को और मजबूत किया। उत्तरी लूजोन के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हुआ और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
ताइवान के उत्तरी हिस्सों में भी तूफानी मौसम और परिवहन व्यवधान की रिपोर्ट सामने आई।
Typhoon Dolphin का भारत के मानसून पर क्या असर?
डॉल्फिन सीधे भारत की तरफ नहीं आ रहा है, इसलिए इससे भारत में किसी तरह के सीधे लैंडफॉल का खतरा नहीं है।
हालांकि पश्चिमी प्रशांत महासागर में बनने वाले इतने बड़े ट्रॉपिकल सिस्टम एशिया के व्यापक वायुमंडलीय सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकते हैं। इससे हवाओं और नमी के प्रवाह में बदलाव आ सकता है, जिसका भारतीय मानसून के पैटर्न पर अप्रत्यक्ष प्रभाव संभव है।
भारत में 10 अगस्त को प्रकाशित मौसम विश्लेषण में भी डॉल्फिन और भारतीय मानसून के बीच बड़े पैमाने के वायुमंडलीय संबंध की चर्चा की गई है। हालांकि किसी खास क्षेत्र में कितनी बारिश होगी, इसे केवल इस टाइफून के आधार पर तय नहीं किया जा सकता।
इसलिए भारत पर डॉल्फिन के संभावित प्रभाव को सीधे “बारिश बढ़ाने” या “मानसून कमजोर करने” के बजाय बड़े वायुमंडलीय बदलावों के संदर्भ में देखना अधिक उचित होगा।
Climate Change और शक्तिशाली तूफानों का कनेक्शन
ट्रॉपिकल साइक्लोन अपनी ऊर्जा गर्म समुद्री पानी से लेते हैं। समुद्र के बढ़ते तापमान के साथ वातावरण में नमी की मात्रा भी बढ़ सकती है, जिससे शक्तिशाली चक्रवातों के दौरान अत्यधिक वर्षा का जोखिम बढ़ने की वैज्ञानिक चिंता लंबे समय से बनी हुई है।
हालांकि किसी एक टाइफून को अकेले जलवायु परिवर्तन का परिणाम बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा। किसी तूफान की ताकत समुद्री सतह के तापमान, हवा की दिशा और गति, वातावरण में नमी तथा कई अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
Typhoon Dolphin Latest Update
फिलहाल डॉल्फिन चीन के तटीय क्षेत्र से अंदर की ओर बढ़ते हुए कमजोर हो चुका है, लेकिन सबसे बड़ा खतरा अब भी भारी बारिश और बाढ़ है।
शंघाई और पूर्वी चीन के कई क्षेत्रों में बारिश के कारण उड़ानें, यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित है। अधिकारियों की नजर अब उन इलाकों पर है जहां चक्रवात के बचे हुए बादल भारी बारिश करा सकते हैं।
टाइफून डॉल्फिन ने एक बार फिर दिखाया है कि किसी शक्तिशाली चक्रवात का खतरा सिर्फ उसकी हवा की रफ्तार तक सीमित नहीं होता। लंबे समय तक होने वाली मूसलाधार बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन, परिवहन व्यवस्था में रुकावट और बड़े पैमाने पर लोगों की निकासी इसकी वास्तविक चुनौती बन सकती है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel