रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक दौर में पहुंचता दिख रहा है। दोनों देशों ने रातभर एक-दूसरे के इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। रूस के बेलगोरोड क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमलों में पांच लोगों की मौत और करीब 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर रूस के हमलों में यूक्रेन के खार्किव और ओडेसा में नागरिकों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए।
खार्किव की रिहायशी इमारत पर रूसी हमला
यूक्रेन के खार्किव में एक रिहायशी बहुमंजिला इमारत पर रूसी मिसाइल हमला हुआ। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 37 लोग घायल हुए। हमले के बाद इमारत में भारी नुकसान हुआ और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
यूक्रेन का आरोप है कि रूस लगातार उसके शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ा रहा है। इससे देश की एयर डिफेंस क्षमता पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है।
ओडेसा पोर्ट पर भी हमला, कई लोग घायल
ब्लैक सी के किनारे स्थित यूक्रेन का महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर ओडेसा भी रूसी हमलों की चपेट में आया। मिसाइल और ड्रोन हमलों में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि ओडेसा पोर्ट को निशाना बनाना वैश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि यह यूक्रेन के कृषि निर्यात का प्रमुख केंद्र है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके हमलों का निशाना यूक्रेनी सेना से जुड़े फ्यूल डिपो, ड्रोन वेयरहाउस और अन्य सैन्य सामग्री के भंडार थे।
बेलगोरोड में यूक्रेनी ड्रोन हमला, 5 की मौत
यूक्रेन ने भी रूस के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूसी अधिकारियों के मुताबिक बेलगोरोड क्षेत्र में हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई और करीब 25 लोग घायल हुए। घायलों में एक बच्चा भी शामिल बताया गया है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार ड्रोन हमलों से अपार्टमेंट बिल्डिंग्स, निजी मकानों और दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
रूस का दावा- रातभर में 153 यूक्रेनी ड्रोन गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने रातभर में 153 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। इनमें रूस के कब्जे वाले क्रीमिया के साथ ब्लैक सी और अजोव सी के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल थे। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल है।
रूस के नोवोरोस्सिय्स्क इलाके में भी कथित रूप से ड्रोन का मलबा गिरने से इमारतों को नुकसान पहुंचने और एक व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई।
Patriot मिसाइलों की कमी बनी यूक्रेन की बड़ी चुनौती
रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के बढ़ते हमलों के बीच यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी समस्याओं में से एक Patriot एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी है। अमेरिकी निर्मित Patriot सिस्टम रूस की कई आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की यूक्रेन की सबसे महत्वपूर्ण क्षमताओं में शामिल है।
राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की लंबे समय से अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से अतिरिक्त Patriot सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग कर रहे हैं। अमेरिका और यूक्रेन के बीच Patriot मिसाइलों से जुड़ी उत्पादन और सप्लाई व्यवस्था पर बातचीत भी जारी है।
पश्चिम एशिया में मिसाइल रक्षा प्रणालियों की बढ़ती मांग ने भी वैश्विक Patriot और THAAD interceptor stocks पर दबाव बढ़ाया है।
यूक्रेन में Patriot बनाने की कोशिश
यूक्रेन चाहता है कि भविष्य में Patriot सिस्टम या उसके कुछ महत्वपूर्ण components का उत्पादन देश के अंदर किया जा सके। हालांकि ऐसी production capability विकसित करने में लंबा समय लग सकता है। NATO और यूरोपीय देशों की तरफ से भी यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
Starlink को लेकर भी जेलेंस्की की कोशिश
रिपोर्ट्स के मुताबिक जेलेंस्की अमेरिका से यह भी चाहते हैं कि SpaceX के Starlink नेटवर्क के इस्तेमाल से जुड़ी मौजूदा सीमाओं में बदलाव किया जाए, ताकि रूस के अंदर मौजूद उन मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाने में मदद मिल सके जिनसे यूक्रेनी शहरों पर हमले किए जाते हैं। हालांकि ऐसे किसी विस्तार को लेकर अंतिम सहमति की पुष्टि नहीं हुई है।
रूस के ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन
यूक्रेन लगातार रूस के भीतर तेल, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को लंबी दूरी के ड्रोन से निशाना बना रहा है। हाल के दिनों में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों में शामिल Wildberries के एक बड़े वेयरहाउस को भी यूक्रेनी ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा था।
ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों के कारण रूस के कुछ हिस्सों में ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं।
लगातार बढ़ रहा रूस-यूक्रेन का ड्रोन युद्ध
करीब साढ़े चार साल से जारी युद्ध में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। रूस यूक्रेनी शहरों और ऊर्जा व्यवस्था को निशाना बना रहा है, जबकि यूक्रेन लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए रूस के तेल, सैन्य और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। ताजा हमले संकेत देते हैं कि दोनों पक्षों के बीच हवाई युद्ध फिलहाल कम होता दिखाई नहीं दे रहा।
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