उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी इलाके में निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में हुए भीषण हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई है। टनल के अंदर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा घुसने से वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए। हादसे के बाद SDRF, NDRF, पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अब भी लापता मजदूरों की तलाश की जा रही है।
टनल के अंदर अचानक आया पानी और मलबा
हादसा गुरुवार शाम पीपलकोटी क्षेत्र में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन टनल के अंदर हुआ। बताया जा रहा है कि मजदूर टनल के भीतर काम कर रहे थे, तभी अंदर बनी एक कैविटी से अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा निकलने लगा।
पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते टनल के अंदर अफरातफरी मच गई। कई मजदूर बाहर की ओर भागे, जबकि कुछ पानी और मलबे के बीच फंस गए।
#WATCH चमोली, उत्तराखंड: NDRF के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने कहा, "जब हमारी टीम यहां पहुंची और ऑपरेशन शुरू किया, तो सुरंग में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था, अभी तक पानी काफी भर गया है…हमारे जवान खास उपकरण पहनकर अब तक पानी से 4 शव निकाल चुके… https://t.co/x3jqcB2nkY pic.twitter.com/d0fYxfft9X
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 13, 2026
3.5 किलोमीटर लंबी टनल में 1.8 KM अंदर हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक निर्माणाधीन सुरंग करीब 3.5 किलोमीटर लंबी है और हादसा प्रवेश द्वार से लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर हुआ। यहां ग्रेविटी पर पैकिंग से संबंधित काम किए जाने की बात सामने आई है।
हादसे के दौरान अचानक पानी और भारी मलबा आने के बाद टनल के अंदर काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई मजदूर पानी और मलबे के बीच से बाहर निकलने की कोशिश करते रहे।
7 मजदूरों की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी
ताजा मीडिया रिपोर्टों में हादसे में 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि की गई है। राहत एवं बचाव दल टनल में फंसे और लापता लोगों की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।
घटनास्थल पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। टनल के भीतर जमा पानी, कीचड़ और भारी मलबा रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
रात में रोकना पड़ा था रेस्क्यू ऑपरेशन
टनल के अंदर भारी मात्रा में मलबा और पानी जमा होने के कारण रात में बचाव अभियान प्रभावित हुआ। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद लापता मजदूरों की तलाश के लिए अभियान दोबारा तेज किया गया।
NDRF, SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें समन्वय के साथ काम कर रही हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया जा रहा है।
CM पुष्कर सिंह धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा है।
टनल में दूसरे राज्यों के मजदूर भी काम कर रहे थे। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क किया है। राज्य सरकार लगातार राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रही है।
पहले भी पीपलकोटी प्रोजेक्ट की टनल में हुआ था हादसा
पीपलकोटी क्षेत्र की निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट टनल में इससे पहले भी हादसा हो चुका है। दिसंबर 2025 में इसी परियोजना से जुड़ी टनल में दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं। उस दुर्घटना में बड़ी संख्या में श्रमिक घायल हुए थे।
ताजा हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे की जांच पर नजर
फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, घायलों का इलाज और टनल को सुरक्षित बनाना है। हादसा वास्तव में किस तकनीकी या भूगर्भीय कारण से हुआ, इसकी विस्तृत तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: बचाए गए, घायल और लापता मजदूरों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। आधिकारिक अपडेट के साथ आंकड़े बदल सकते हैं।
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