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प्रचंड जीत के जश्न में भी भोपाल गैस त्रासदी को नहीं भूले CM शिवराज सिंह चौहान: श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे, कहा – प्रकृति से न करें खिलवाड़

प्रचंड जीत के जश्न में भी भोपाल गैस त्रासदी को नहीं भूले CM शिवराज सिंह चौहान: श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे, कहा – प्रकृति से न करें खिलवाड़

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम भाजपा के पक्ष में आ रहे हैं और पार्टी एक बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में जान गँवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं भूले। रविवार (3 दिसंबर, 2023) को देश में 4 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों का ऐलान किया जा रहा है।

मतों की गिनती के रुझानों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है। फाइनल नतीजे से पहले सीएम चौहान का पहला बयान भोपाल गैस पीड़ितों को लेकर आया है। ये इस बात की ताकीद करता है कि वो राज्य की जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों से गहरे जुड़े हैं। खबर लिखे जाने तक राज्य में भाजपा जहाँ 161 सीटें जीतती हुई दिख रही है, वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी के खाते में महज 67 सीटें ही जाती हुई दिख रही हैं।

एक तरफ जहाँ उनके समर्थक जश्न में डूबे हुए थे, शिवराज सिंह चौहान भोपाल गैस त्रासदी के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँचे हुए थे। उन्हें याद रहा कि राज्य में इस हादसे से लोगों ने भयावह यातना झेली और अब भी झेल ही रहे हैं। ये दिखाता है कि एक सीएम के तौर पर वो जनता के दर्द को अपना दर्द समझते हैं।

यही वजह हैं कि राज्य की जनता उनको सत्ता की कुर्सी पर काबिज देखना चाहती हैं। श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान बोली गई उनकी बातें साबित करती हैं कि उन्हें जनता से दिली लगाव है। इस मौके पर सीएम शिवराज ने कहा, “आज भी जब वो 2 और 3 दिसंबर की दरमियानी रात याद आती है तो हम काँप उठते हैं। एमआईसी गैस के के रिसाव के कारण हजारों भाई बहन जिसमें हमारे छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे उन्होंने अपनी जिंदगी खो दी और असमय काल के गाल में समा गए। भोपाल को वो दृश्य भूलता नहीं है।”

सीएम चौहान ने आगे कहा, “जब सड़कों पर अपनी जान बचाने अपने बच्चों को लेकर भाई-बहन दौड़ रहे थे। और वो भयानक दृश्य ऐसा था कि कई मवेशी-भैंसों के पेट फट गए थे। दौड़ते -दौड़ते कई लोग गिरे और हमेशा के लिए दुनिया छोड़ कर चले गए। मैं उन सब भाई-बहनों के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। लेकिन इस संकल्प के साथ कि फिर कोई शहर भोपाल न बने। ऐसी गैस ट्रेजडी फिर न दोहराई जाए। हम सब कुछ सोचना पड़ेगा।”

सीएम ने कहा, “केवल मध्य प्रदेश और देश की बात नहीं दुनिया को भी ये समझना होगा कि भौतिक प्रगति की अंधी चाह में हम प्रकृति के साथ ऐसा खिलवाड़ न करें कि प्रकृति हम को ही निगल ले। और इसलिए विकास और पर्यावरण में हमें संतुलन स्थापित करना पड़ेगा। ये धरती सबके लिए है। मनुष्यों के साथ कीट पंतगें, जीव-जन्तु, पशु-पक्षियों के लिए भी है। तो सबके लिए धरती सुरक्षित बने और आने वाली पीढ़ियों के रहने के लायक भी बने। ऐसे सारे प्रयास न कि हमको मध्य प्रदेश में बल्कि देश और दुनिया में सबको करने पड़ेंगे।”

उन्होंने कहा, “अभी दुबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने धरती को बचाने के लिए जो आवश्यक कदम उठाने हैं उनका जिक्र किया था। भारत उस रास्ते पर चलेगा। मध्य प्रदेश भी हर संभव प्रयत्न करेगा कि पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ न हो और आगे हम विकास को ऐसा संतुलित करें कि वो विकास हमारे लिए जानलेवा न बनें। मैं एक बार फिर जो नहीं रहे उनके चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूँ जो हैं उनके कल्याण के काम हम करते रहेंगे और आगे फिर कोई ऐसी ट्रेजडी न हो इसके लिए हर संभव कोशिश करेंगे।”

बताते चलें कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया के इतिहास में सबसे बड़े हादसों में से एक के तौर पर दर्ज है। साल 1984 की 2 और 3 दिसंबर की रात को यूनियन कार्बाइड केमिकल फैक्ट्री से जानलेवा गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) का रिसाव हुआ था। जिसने सोते हुए ही आधे भोपाल को लील लिया था।

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