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Wednesday, October 28, 2026

‘500 साल बाद लौटे रामलला, राष्ट्र का सब दुख हरण होगा’ प्राण प्रतिष्ठा के बाद बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

‘500 साल बाद लौटे रामलला, राष्ट्र का सब दुख हरण होगा’ प्राण प्रतिष्ठा के बाद बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

सोमवार को अयोध्या मंदिर में रामलला की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। रामलला मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई। करोड़ों लोग इस भव्य आयोजन के साक्षी बने और सैकड़ों लोगों ने अपने घरों और देशभर के मंदिरों में टेलीविजन पर प्राण प्रतिष्ठा का लाइव कार्यक्रम देखा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज 500 साल बाद रामलला यहां लौटे हैं और उनके प्रयासों से हम आज यह स्वर्णिम दिन देख रहे हैं। इस युग के इतिहास में इतनी शक्ति है कि जो भी सुनता है रामलला की कथा से उनके सारे दुख-दर्द मिट जाते हैं।

500 साल के बाद यहां आए रामलला

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आदरणीय मुख्यमंत्री जी, आदरणीय राज्यपाल महोदय जी, देश के आज विद्यमान सभी पथ संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे संत ऋषि आचार्य और प्रधानमंत्री जी द्वारा अपने वक्तव्य में इस स्वर्णिम पलों का वर्णन कर चुके हैं। आज रामलीला वापस फिर से आए हैं 500 साल के बाद जिनमें त्याग तपस्या प्रयासों से यह सोने का दिन आज हम देख रहे हैं। स्वर्ण दिवस देख रहे उनका स्मरण प्राण प्रतिष्ठा के संकल्प में हम लोगों ने कहा आपने सुना हो पारण किया कि तपस्या को उनके इतिहास को उनके परिश्रम को सदाबहार राम लाल के यहां इस युग में आज के दिन फिर वापस आने का इतिहास जो जो श्रवण करेगा वह राष्ट्र के लिए कम प्रमाण होगा और उसके राष्ट्र का सब दुख हरण होगा।

जो भी रामलला की कथा सुनेगा उसके दुख मिट जाएंगे

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद अपने संबोधन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज अयोध्या में रामलला के साथ भारत का स्व लौटकर आया है। मोहन भागवत ने कहा कि 500 वर्षों तक अनेक पीढियों ने प्राणों का बलिदान देकर, खून-पसीना बहाकर आज ये आनंद का दिन पूरे राष्ट्र को दिया है। उन सभी लोगों के लिए हमारे मन में कृतज्ञता है। उन्होंने कहा कि इस युग के इतिहास में इतनी शक्ति है कि जो भी रामलला की कथा सुनेगा उसके सारे दुःख-दर्द मिट जायेंगे।

पीएम मोदी ने तप किया-अब हमें भी करना है

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- “पीएम मोदी ने अयोध्या आने से पहले कठोर तप रखा। जितना कठोर तप रखा जाना चाहिए था, उससे ज्यादा कठिन तप रखा। रा उनसे पुराना परिचय है। मैं जानता हूं, वे तपस्वी हैं ही। परंतु, वे अकेले तप कर रहे हैं, हम क्या करेंगे?” मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर हमारे लिए कर्तव्य का आदेश भी है।

लड़ाई करने की आदत छोड़नी पड़ेगी

मोहन भागवत ने कहा कि हमें अब अच्छा व्यवहार रखने का तप-आचरण करना होगा। हमें आपस में सभी कलह को विदाई देनी होगी। भागवत ने कहा कि देश में छोटे-छोटे परस्पर मत रहते हैं और छोटे-छोटे विवाद होते हैं। हमें इन्हें लेकर लड़ाई करने की आदत छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि सभी घटकों राम हैं। हमें समन्वय से चलना होगा। हम सबके लिए चलते हैं, सभी हमारे हैं और इसलिए हम चल पाते हैं।

Filed under Uttar Pradesh

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