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सफाई कर्मचारी, मजदूर और ट्रांसजेंडर… मोदी 3.0 का शपथ ग्रहण यूं ही नहीं खास, कौन-कौन होंगे मेहमान?

सफाई कर्मचारी, मजदूर और ट्रांसजेंडर… मोदी 3.0 का शपथ ग्रहण यूं ही नहीं खास, कौन-कौन होंगे मेहमान?

मोदी सरकार 3.0 शपथ लेने को तैयार है. नरेंद्र मोदी 9 जून को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. जैसे ही नरेंद्र मोदी शपथ लेंगे, यह एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा. इससे पहले केवल पंडित नेहरू ही लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद संभाल चुके हैं. नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी जोरों पर है. मोदी 3.0 का शपथ ग्रहण इस बार कई मायनों में खास होगा. इसमें न केवल पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे, बल्कि कुछ ऐसे भी मेहमान दिखेंगे, जो इस समारोह की शोभा बढ़ाएंगे.

दरअसल, मोदी अक्सर कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं. इस बार भी वह कुछ ऐसा ही करने जा रहे हैं. नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सैकड़ों मेहमान शामिल होंगे. सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के अलावा फिल्म जगत, खेल जगत, उद्योगपतियों और व्यापारियों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रहेगी. लेकिन यहां एक बात है जो नरेंद्र मोदी को बाकी लोगों से अलग बनाती है. खुद नरेंद्र मोदी ने खास मेहमानों की सूची तैयार की है, जो इस खास दिन पर शामिल होंगे.

ये खास मेहमान भी होंगे शामिल

केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को शपथ ग्रहण समारोह के लिए विशेष आमंत्रण भेजा गया है. इस समारहो के लिए कुछ ट्रांसजेंडर्स को भी न्योता भेजा गया है. इसके अलावा सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूरों को भी आमंत्रण भेजा गया है. ये वही मजदूर होंगे, जिन्होंने नई संसद के निर्माण कार्य में शामिल रहे हैं. इतना ही नहीं, सफाई कर्मचारियों को भी आमंत्रण भेजा गया है. वंदे भारत ट्रेन और मेट्रो परियोजना से जुड़े रेलवे कर्मचारियों को भी न्योता भेजा गया है.

विकसित भारत पर बोलते रहे हैं मोदी

दरअसल, मोदी 2047 तक विकसित भारत के महत्व पर बोलते रहे हैं. इस महत्व को दर्शाने के लिए विकसित भारत के एंबेसडर के रूप में काम करने वाले कई लोगों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है. न्यूज18 को एक सूत्र ने बताया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर उस एंबेसडर के योगदान का सम्मान करने के लिए जाने जाते हैं, जो एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में शामिल रहे हैं. वो दिन गए जब केवल वीआईपी और वीवीआईपी को ही निमंत्रण भेजे जाते थे. हमारे प्रधानमंत्री उन लोगों को वीआईपी अतिथि मानते हैं, जिन्हें कभी उनका हक या महत्व नहीं मिलता.’ सूत्र ने आगे बताया कि आमंत्रित किए गए 10 खास लोगों ने सूचित कर दिया है कि वे इस समारोह में शामिल होंगे.

मुइज्जू समेत ये नेता होंगे शामिल

वहीं, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, भूटान, नेपाल, मॉरीशस और सेशेल्स के प्रधानमंत्री शामिल होंगे. भारत ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और समारोह में शामिल होने के लिए चुने गए देशों के कुछ अन्य नेताओं को पहले ही निमंत्रण भेज दिया है. नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ और सेशेल्स के राष्ट्रपति वेवल रामकलावन उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है. माले में मालदीव के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मुइज्जू देश के विदेश मंत्री और कुछ अन्य नेताओं के साथ समारोह में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली आएंगे. द्वीप राष्ट्र के राष्ट्रपति के रूप में मुइज्जू की यह पहली भारत यात्रा होगी.

पड़ोसी प्रथम नीति पर मोदी

बता दें कि मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने लोकसभा चुनाव में 293 सीट पर जीत दर्ज की है. ऐसा माना जा रहा है कि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए विदेशी नेताओं की अतिथि सूची नयी दिल्ली की ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण माने जाने वाले द्वीप देशों पर उसके रणनीतिक रूप से ध्यान केंद्रित करने को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. मुइज्जू को दिया गया निमंत्रण इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है.

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