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थ्येनआनमन चौक पर कम्युनिस्ट घेराबंदी, हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों पर चीन का वार

थ्येनआनमन चौक पर कम्युनिस्ट घेराबंदी, हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों पर चीन का वार

चीन की राजधानी बीजिंग का ऐतिहासिक थ्येनआनमन चौक लोकतंत्र के लिए हुए संघर्ष का एक अमिट प्रतीक बन गया है। 4 जून 1989 को यहां जिस प्रकार चीन की बर्बर कम्युनिस्ट सत्ता ने लोकतंत्र की मांग के लिए हुए आंदोलन को फौजी टैंकों और गोलियों की बरसात से निर्ममता से रौंदा था वह दुनिया को आज तक याद है। चीन में आज भी लोकतंत्र शब्द को कम्युनिस्ट सत्ता एक गाली मानती है। सत्ता के विरुद्ध कोई आवाज न उठे इसके लिए इस चौक पर ऐसी किलेबंदी की गई थी कि इस ऐतिहासिक दिन की वर्षगांठ मनाने वालों की एक न चल पाई। उधर चीनी दबदबे में दबे हांगकांग में भी लोकतंत्र के विरुद्ध आवाज उठाने वाले आठ नामी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

साल 1989 में जब चीन में लोकतंत्र के समर्थन में हजारों की संख्या में कॉलेज विद्यार्थी और युवा इस चौक पर उतरे थे तो उन निहत्थों के सामने चीन के कम्युनिस्ट शासकों ने टैंक उतार दिए थे। हजारों लोग मारे गए थे, कितने ही घायल हुए, गिरफ्तार हुए। पूरी बर्बरता से वह आंदोलन कुचल दिया गया।

कल उसी नरसंहार की 34वीं वर्षगांठ थीं, लेकिन आम लोगों की एकजुट शक्ति से भयातुर चीन की सत्ता ने एक दिन पहले से ही वहां कड़े इंतजाम कर दिए थे। लोगों को बेवजह चौक के आसपास फटकने नहीं दिया गया। आने-जाने वालों की पड़ताल की गई। दो से ज्यादा लोग दिखे नहीं कि पुलिस वालों ने भगा दिया।

कुछ ऐसा ही भय बीजिंग की कम्युनिस्ट सरकार को हांगकांग को लेकर था। वहां एक विशेष कानून के क्रियान्वयन के बाद से चीनी सत्ता के विरुद्ध आवाज उठाना जुर्म करार दिया गया है। इसलिए उस ‘स्वशासित राज्य’ के शासकों ने ऐसी कड़ाई की थी कि जिससे वहां लोकतंत्र के नाम पर कोई आंदोलन न पनपे। फिर भी कुछ लोगों ने एक प्रदर्शन करने की कोशिश की। इसके लिए हांगकांग की पुलिस ने आठ नामी लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद भी वे लोग लोकतंत्र के समर्थन में नारे लगाते देखे गए।

दिलचस्प बात यह है कि हांगकांग में जिस पार्क में लोकतंत्र समर्थक हर साल 4 जून को इकट्ठे होकर थ्येनआनमन चौक नरसंहार की याद में आंसू बहाते आ रहे थे, उस पार्क में चीन के इशारे पर एक फूड फेस्टिवल आयोजित किया गया, जिससे पार्क में किसी और जमावड़े के लिए जगह ही न बचे। पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों पर देशद्रोह और अराजकता फैलाने के आरोप लगाए गए हैं।

हांगकांग में तो एक दिन पहले 3 जून की शाम से ही लोकतंत्र के समर्थकों और कुछ कलाकारों ने एक प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस प्रदर्शन में कम्युनिस्ट सत्ता के विरुद्ध नारेबाजी की गई। उनके आह्वान पर जुटे हजारों हांगकांग वालों ने विक्टोरिया पार्क में मोमबत्तियां जलाकर जुलूस निकाला। इसी दौरान पुलिस ने दखल दी और आठ लोगों पर कार्रवाई की। इस बार हांगकांग में भी हजारों की तादाद में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

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