विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में ‘देवी योजना’ के तहत 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल स्वच्छ शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना है, बल्कि दिल्लीवासियों के लिए ‘जीवन की सुगमता’ में सुधार लाना भी है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियां:
- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव
- दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
- पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
‘देवी योजना’ के तहत इलेक्ट्रिक क्रांति:
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि:
- पहले ही 400 ई-बसें दिल्ली की सड़कों पर उतारी जा चुकी हैं।
- आज प्रधानमंत्री द्वारा समर्पित 200 नई बसों के बाद यह संख्या बढ़कर 600 हो गई है।
- वर्ष 2027 तक दिल्ली की सभी बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी।
Building a clean and green Delhi!
Flagged off Electric Buses under an initiative of the Delhi Government aimed at boosting sustainable development and clean urban mobility. Additionally, this will also improve 'Ease of Living' for the people of Delhi. pic.twitter.com/q7mOdaVjAG
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2025
भविष्य की योजना:
- 2025 के अंत तक कुल 2080 नई ई-बसों के संचालन का लक्ष्य।
- दिल्ली को ‘ईवी कैपिटल ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य पर तेज़ी से कार्य जारी।
- ईवी पॉलिसी 2.0 के अंतर्गत:
- सभी सीएनजी ऑटो, टैक्सी और हल्के वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदला जाएगा।
- सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक किया जाएगा।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है।
ईवी पॉलिसी 2.0 की प्रमुख विशेषताएं:
- सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट का विस्तार और अनिवार्यता
- नई इमारतों व सार्वजनिक स्थानों में चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य
- निजी और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए सब्सिडी
- फास्ट चार्जिंग कॉरिडोर रिंग रोड व बाहरी रिंग रोड पर प्रस्तावित
संदेश और महत्व:
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे भारत की सतत विकास प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पहल वायु प्रदूषण कम करने और हरित ऊर्जा आधारित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली में 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ दिल्ली को प्रदूषण मुक्त, टिकाऊ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल राजधानी के लिए, बल्कि देशभर के लिए एक हरित और स्वच्छ शहर की प्रेरक मिसाल है।