पानीपत में चर्चित आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को पुलिस ने ठगी और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महेंद्र चावला ने एक सरपंच को ब्लैकमेल कर ₹70 लाख वसूले और इसके बाद भी ₹80 लाख की अतिरिक्त मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में सामने आए CCTV फुटेज में दावा किया गया है कि महेंद्र चावला का भाई देवेंद्र मीडिएटर पूर्ण शर्मा के घर से ₹70 लाख से भरा बैग लेकर जाता दिखाई दे रहा है।
पैसों का नेटवर्क और बंटवारा
जांच में खुलासा हुआ है कि ठगी की रकम को तीन हिस्सों में बांटा गया था। महेंद्र चावला के हिस्से में आए ₹40 लाख को अलग-अलग जगहों—सहारनपुर, चंडीगढ़, गुरदासपुर और गुजरात—में छिपाया गया।
वहीं, उसके भाई देवेंद्र चावला ने ₹15 लाख बेंगलुरु में अपनी रिश्तेदार को भेजे। पुलिस ने भतीजे रामप्रसाद के पास से ₹1.15 लाख बरामद किए हैं, जबकि ₹13.85 लाख अभी भी उत्तराखंड में एक दोस्त के पास होने की जानकारी मिली है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पानीपत पुलिस की CIA टीम ने महेंद्र चावला को उसके भाई और भतीजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन और कार जब्त कर लिए हैं। मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग से जुड़े और सबूत मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने इस मामले में महेंद्र चावला की मां के खिलाफ भी FIR दर्ज की है।
आसाराम केस से जुड़ा इतिहास
महेंद्र चावला वर्ष 1996 में आसाराम बापू से जुड़ा था और लंबे समय तक उनके अहमदाबाद और सूरत स्थित आश्रमों में रहा। वर्ष 2006 में वह घर लौट आया।
साल 2008 में अहमदाबाद आश्रम में दो बच्चों की मौत के बाद उसने आसाराम से दूरी बना ली। इसके बाद 2013 में नाबालिग से यौन शोषण के मामले में महेंद्र चावला ने ही मुख्य गवाह के रूप में सामने आकर गवाही दी थी।
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