भारत को मिला ‘स्पीड का नया सौदागर’, 17 साल का RD प्रणव राघवेंद्र 147.3 KMPH की रफ्तार से गेंदबाजी कर बना सुर्खियों का केंद्र
भारत में तेज़ गेंदबाज़ों की नई खेप तैयार हो रही है और अब इस लिस्ट में एक नया नाम जुड़ गया है—RD प्रणव राघवेंद्र। महज 17 साल की उम्र में यह युवा गेंदबाज़ अपनी 147.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंदबाज़ी से क्रिकेट जगत में हलचल मचा रहा है। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उन्होंने इस गति की गेंद फेंककर सबको चौंका दिया है। उनकी गेंदबाज़ी को देखकर लोग उन्हें भारत का अगला शोएब अख्तर तक कहने लगे हैं।
तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ों की नई विरासत में एक और नाम जुड़ा
जहां एक समय भारतीय टीम में स्पीडस्टर की कमी महसूस होती थी, वहीं अब उमरान मलिक और मयंक यादव जैसे गेंदबाज़ों ने इस सोच को बदल दिया है। इन दोनों की तेज़ रफ्तार ने दुनिया भर के बल्लेबाज़ों को परेशान किया है। अब प्रणव राघवेंद्र उस कड़ी में अगला नाम हैं जो लगातार 145 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाज़ी करने की क्षमता रखते हैं।
अंडर-19 स्तर पर रफ्तार का नया रिकॉर्ड
प्रणव राघवेंद्र अब तक के सबसे तेज़ गेंद फेंकने वाले भारतीय अंडर-19 गेंदबाज़ बन गए हैं। इस उम्र में इतनी स्पीड तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि प्रणव अपनी फिटनेस और गेंदबाज़ी पर इसी तरह ध्यान देते रहे, तो वह भविष्य में भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं और तेज गेंदबाज़ी का नया इतिहास रच सकते हैं।
स्पीड के साथ सटीकता पर भी है ध्यान
प्रणव सिर्फ रफ्तार तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि उनका फोकस स्पीड के साथ-साथ लाइन और लेंथ की सटीकता पर भी है। उनके अनुसार, “जब आप बल्लेबाज़ को बाउंसर से या हार्ड लेंथ गेंदों से परेशान करते हैं, तो वह संतोष की बात होती है। लेकिन इसके लिए केवल स्पीड नहीं, फिटनेस और तकनीकी तैयारी भी जरूरी होती है।” यही बात उन्हें एक परिपक्व गेंदबाज़ के तौर पर उभारती है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटे हैं
प्रणव इन दिनों अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी में लगे हुए हैं। वह भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं और इसके लिए वह कड़ी ट्रेनिंग, फिटनेस और तकनीकी सुधार पर लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि वह अपने लक्ष्य को लेकर पूरी तरह समर्पित हैं और किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहते।
निष्कर्ष
RD प्रणव राघवेंद्र का उभार भारत के तेज़ गेंदबाज़ी के भविष्य को एक नई दिशा दे रहा है। महज 17 साल की उम्र में 147.3 KMPH की रफ्तार से गेंद फेंकना यह संकेत देता है कि भारत अब तेज़ गेंदबाज़ी के मामले में किसी से पीछे नहीं है। यदि प्रणव इसी तरह मेहनत करते रहे, तो वह न केवल भारत के लिए खेल सकते हैं बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी के वैश्विक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।