हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही, चट्टान पर टिके मकान की पूरी कहानी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने से भारी तबाही मची है, जिससे कई गांवों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो गईं। मंडी से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित सियाठी गांव की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिसमें एक टूटी हुई पहाड़ी पर चमत्कारिक रूप से टिका एक मकान नजर आ रहा था। लेकिन यह मकान भी आखिरकार कुदरत के प्रकोप का शिकार हो गया।

यह मकान पूर्व सैनिक जय सिंह का था, जो अपनी विकलांग पत्नी के साथ इसमें रहते थे। उनके बच्चे गांव के दूसरे हिस्से में बने मकान में थे। 5 जुलाई की रात करीब 12 बजे गांव में एक कुत्ते के लगातार भौंकने और रोने से लोग जाग गए, जिससे संभावित खतरे का आभास हुआ। जय सिंह और उनके परिवार ने तुरंत गांव छोड़ने का निर्णय लिया। उनके बेटे ने अपनी विकलांग मां को कंधे पर उठाकर दो किलोमीटर दूर स्थित त्रियंबला गांव पहुंचाया। त्रियंबला के उप प्रधान प्रिथी वर्मा के अनुसार, जय सिंह और उनकी पत्नी बाल-बाल बच गए।
हालांकि, 5 जुलाई की तेज बारिश में जय सिंह का वह मकान जो चट्टान के एक छोटे हिस्से पर टिका हुआ था, भी मलबे में दब गया। फिलहाल जय सिंह अपने एक रिश्तेदार के घर में शरण लिए हुए हैं।
सियाठी गांव में कुल 20 परिवार रहते थे। समय रहते गांव खाली कर देने से कोई जानहानी नहीं हुई। कुल 67 लोगों ने पास के नैना देवी मंदिर में शरण ली है। लेकिन सियाठी गांव अब मलबे में तब्दील हो चुका है, और केवल चार घरों का ढांचा ही खड़ा बचा है। पहाड़ की मिट्टी अभी भी दरक रही है, जिससे खतरा बना हुआ है।
यह घटना हिमाचल में लगातार हो रही बारिश और उससे हो रहे नुकसान की गंभीरता को उजागर करती है, और जय सिंह की कहानी न सिर्फ मानवीय साहस की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना असहाय हो सकता है।