हरियाणा के नूहं (मेवात) जिले में 14 जुलाई 2025 को निकलने वाली ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा से पहले इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पिछले साल यानी 2023 में इसी यात्रा के दौरान हुई भीषण सांप्रदायिक हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ने 13 जुलाई रात 9 बजे से 14 जुलाई रात 9 बजे तक इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं बंद कर दी हैं। हालांकि बैंकिंग, मोबाइल रिचार्ज और वॉयस कॉल सेवाएं चालू रहेंगी। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल भी बंद रखे गए हैं।
डिप्टी कमिश्नर विश्राम कुमार मीणा ने स्कूल बंद रखने की पुष्टि करते हुए इसे एहतियाती कदम बताया है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नूहं में 2500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 14 डीएसपी के नेतृत्व में टीमें बनाई गई हैं और 28 चेकपॉइंट्स स्थापित किए गए हैं। ड्रोन से संवेदनशील इलाकों की निगरानी हो रही है। इसके अलावा प्रशासन ने माइक्रोलाइट विमान, ग्लाइडर, ड्रोन, हॉट एयर बैलून, पतंगबाजी और आतिशबाजी जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है।
#WATCH | Nuh, Haryana | Security tightened in Haryana's Nuh ahead of the Braj Mandal Jalabhishek Yatra. The police also inspect the hilly areas as a part of the security measures
Internet and SMS services have been suspended for 24 hours from 9 pm on July 13 to 9 pm on July 14.… pic.twitter.com/RpvzqYuOZ2
— ANI (@ANI) July 14, 2025
दरअसल, जुलाई 2023 में ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया था। नल्हड़ महादेव मंदिर तक हिंसा फैल गई थी, जिसमें पत्थरबाजी, फायरिंग और आगजनी हुई थी। इस हमले में छह लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो होमगार्ड शामिल थे, और करीब 200 लोग घायल हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर ‘अल्लाह-हू अकबर’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे।
इस दौरान मुस्लिम उपद्रवियों ने साइबर पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और 150 से ज्यादा वाहनों को जला डाला था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि हिंसा की आग गुरुग्राम तक फैल गई थी। तब पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर दंगाइयों की धरपकड़ की थी, जिसमें ड्रोन और पहाड़ी इलाकों में कॉम्बिंग ऑपरेशन तक चलाना पड़ा था।
इन सभी घटनाओं के मद्देनज़र इस बार यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं ताकि दोबारा वैसी हिंसा न हो और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।