अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट वायरल हो गईं, जिनमें दावा किया गया कि भारत-अमेरिका के रिश्ते बिगड़ रहे हैं और भारत अब अमेरिका से सभी व्यापारिक संबंध तोड़ने की तैयारी में है।
Disinformation being spread on X.#MEAFactCheck pic.twitter.com/E85HYIoUo0
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) August 3, 2025
कुछ हैंडल्स, जैसे ‘मिडिल ईस्टर्स अफेयर्स’ और ‘चाइना इन इंग्लिश’, ने यहां तक दावा किया कि भारत अमेरिका को दी गई व्यापार छूटें खत्म कर देगा और अमेरिका की ‘शत्रुतापूर्ण’ नीतियों के जवाब में दोगुना टैरिफ लगाएगा। विदेश मंत्रालय ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत की ओर से ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है और सरकार फिलहाल व्यापारिक संबंधों की समीक्षा करने की योजना में नहीं है। मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने बताया कि ये अफवाहें चीन समर्थित और इस्लामी देशों से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स से फैलाई जा रही हैं, जिनका मकसद भारत और अमेरिका के बीच वैमनस्य फैलाना है।
Disinformation and FAKE news alert!
This handle (@Middle_Eastern0) has been making several social media posts with FAKE News.
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— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) August 3, 2025
ट्रंप ने भारत की आलोचना करते हुए कहा था कि उसके टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा हैं और रूस से तेल व हथियार खरीद को लेकर भी नाराजगी जताई। बावजूद इसके, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने की दिशा में बातचीत जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश एक लाभकारी व्यापार समझौते (FTA) को लेकर वर्चुअल बातचीत कर रहे हैं और 24 अगस्त को अमेरिकी व्यापार वार्ता टीम नई दिल्ली आएगी। इस दौरान छठे दौर की बातचीत होगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने की अपील की है, ताकि देश में बने उत्पादों को बढ़ावा मिले। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत का फोकस व्यापारिक रिश्तों को तोड़ने पर नहीं, बल्कि उन्हें और मजबूत करने पर है।