अहमदाबाद के खोखरा इलाके में स्थित सेवेंथ डे स्कूल में 19 अगस्त को घटित हुई यह दर्दनाक घटना पूरे शहर में सनसनी का कारण बन गई है। जानकारी के अनुसार, 8वीं कक्षा के एक मुस्लिम नाबालिग छात्र ने 10वीं कक्षा के सिंधी समुदाय के छात्र पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों छात्रों के बीच पहले भी झड़पें और विवाद हो चुके थे, लेकिन इस बार बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी छात्र ने जानलेवा हमला कर डाला। घटना ने न सिर्फ मृतक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है बल्कि स्थानीय समाज और स्कूल प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद मृतक छात्र का परिवार, सिंधी समाज और कई हिंदू संगठनों ने स्कूल में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साई भीड़ स्कूल परिसर में घुस गई, जहां तोड़फोड़ की गई और स्टाफ के साथ हाथापाई भी हुई। इस बीच, मृतक छात्र के दादा जी ने मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी मुस्लिम छात्र अक्सर उनके पोते को परेशान करता था, यहाँ तक कि एक बार उसने माँस को पनीर बताकर खाने को भी दे दिया था। परिवार का कहना है कि यह सतत उत्पीड़न और स्कूल प्रशासन की अनदेखी का ही नतीजा है कि आखिरकार यह खौफनाक घटना घटी।
मृतक छात्र के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया कि जब उनका बच्चा गंभीर हालत में तड़प रहा था, तब स्कूल की ओर से कोई मदद नहीं की गई। उन्होंने कहा कि न तो शिक्षक और न ही सुरक्षा गार्ड आगे आए, यहाँ तक कि स्कूल प्रशासन ने एम्बुलेंस बुलाने की भी ज़हमत नहीं उठाई। आखिरकार अन्य छात्रों ने मिलकर घायल छात्र को रिक्शा में बैठाकर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार ने आक्रोश जताते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे मिलकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रशासन पर दबाव बनाएँ।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी छात्र के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज खंगालकर घटना की पूरी जाँच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद हालात बिगड़ते देख जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और जवाब माँगा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक क्यों हुई। वहीं, इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना फिर से न हो।
यह पूरी घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है बल्कि शिक्षा व्यवस्था और स्कूल सुरक्षा प्रबंधन पर भी गहरी चोट है। स्थानीय लोग अब मांग कर रहे हैं कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए और स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर भी ठोस कार्रवाई की जाए।
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