असम की राजनीति में बड़ा विवाद उस समय सामने आया जब राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान कनेक्शन की जाँच पूरी कर अपनी 96 पेज की रिपोर्ट मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को सौंपी। यह रिपोर्ट बुधवार (10 सितंबर) को लोक सेवा भवन में SIT के अधिकारियों मुन्ना प्रसाद गुप्ता, रोजी कलिता, प्रणबज्योति गोस्वामी और मैत्रेयी देका ने सौंपी।
रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर लिखा कि SIT की जाँच से “हैरान करने वाले तथ्य” सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि 17 फरवरी 2025 को असम कैबिनेट ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और उसके साथियों की भारत-विरोधी गतिविधियों की जाँच के लिए SIT बनाई थी। इस गहन जाँच में सामने आया कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने असम के एक सांसद की पड़ोसी देश की यात्रा में मदद की थी।
On 17th February, 2025 the Assam Cabinet constituted a Special Investigation Team (SIT) to investigate the anti-India activities of one Pakistani national, Ali Tauqeer Sheikh, and his associates.
During the course of this exhaustive investigation, the SIT has unearthed… pic.twitter.com/dWJ0MAEXzj
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 10, 2025
सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि SIT ने एक ब्रिटिश नागरिक की संलिप्तता पाई है, जो एक भारतीय सांसद से विवाहित है और पाकिस्तान मूल के अली तौकीर शेख की गतिविधियों से जुड़ी रही है। उन्होंने दावा किया कि गोगोई के परिवार के चार में से तीन सदस्य विदेशी नागरिकता रखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि SIT की रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन कर इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा और फिर जनता के सामने रखा जाएगा।
SIT की रिपोर्ट के तथ्य जल्द ही क़ानूनी प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक किए जाएंगे। उनके नेता सच के डर से घबराए हुए हैं, लेकिन सत्य की विजय होकर ही रहेगी।
The @INCAssam President’s family has 4 members of which 3 hold foreign citizenship. pic.twitter.com/4ncN3jWlFo
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 11, 2025
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि यह सब “बनावटी कहानी” है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री सरमा असम के लोगों को मूर्ख समझते हैं और उन पर बेतुके आरोप मढ़कर अपनी सरकार की भ्रष्ट छवि छिपाना चाहते हैं। गोगोई ने सरमा पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी का इस्तेमाल परिवार को अमीर बनाने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के लिए किया है।
गौर करने वाली बात यह है कि गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न, जो ब्रिटिश नागरिक हैं, दिल्ली के क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। वहीं, पाकिस्तानी मूल के अली तौकीर शेख CDKN में एशिया रीजनल डायरेक्टर हैं और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए जाने जाते हैं। SIT ने इनके बीच संभावित कनेक्शन की ओर इशारा किया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने पहले भी कोलबर्न पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि 2011 से 2015 के बीच कोलबर्न पाकिस्तान में काम करती रहीं और उस दौरान पाकिस्तान सरकार की एक टास्क फोर्स का हिस्सा थीं, जो कथित तौर पर ISI का मुखौटा संगठन थी। सरमा ने गोगोई पर ISI से संबंध, युवाओं को पाकिस्तान दूतावास ले जाकर ब्रेनवॉश करने, धर्म परिवर्तन के नेटवर्क में शामिल होने और विदेशी फंडिंग लेने जैसे कई गंभीर सवाल उठाए।
यह विवाद तब और गहरा गया जब गृहमंत्री अमित शाह ने 29 जुलाई को संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान गोगोई की पाकिस्तान यात्राओं पर सवाल खड़े किए। शाह ने कहा कि गोगोई कई बार पाकिस्तान गए, लेकिन बॉर्डर इलाकों में कभी नहीं गए। उन्होंने तीखे अंदाज में पूछा—“क्या आप जानते हैं कि हमारे सैनिक किन परिस्थितियों में काम करते हैं?”
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