राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए अमेरिका पर निशाना साधा और कहा कि भारत पर टैरिफ इसलिए लगाया गया क्योंकि उसके बढ़ते प्रभाव से डर पैदा हो रहा है।
भागवत ने कहा कि दुनिया में यह स्वभाविक है कि जब कोई और आगे बढ़ता है, तो दूसरे को डर लगने लगता है कि उसका स्थान कहाँ रहेगा। इसी डर की वजह से भारत पर टैरिफ थोप दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “हमने तो कुछ किया नहीं था, जिसने गड़बड़ी की थी उसे तो पुचकारा जा रहा है ताकि वह साथ बना रहे और भारत पर दबाव डाला जा सके। आखिर ऐसा क्यों है, जबकि सात समंदर पार रहने वालों से कोई सीधा संबंध भी नहीं है।”
आरएसएस प्रमुख नागपुर में ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर के 7वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह ब्रह्माकुमारीज महिलाओं के नेतृत्व में आंतरिक चेतना को जगाने का काम कर रही है, उसी तरह आरएसएस भी समाज में आंतरिक जागरूकता लाने का प्रयास करता है। भागवत के अनुसार, जब तक इंसान और देश अपनी असलियत को नहीं पहचानेंगे, तब तक समस्याओं से जूझते रहेंगे।
RSS प्रमुख के मोहन भागवत कहा कि,
उन्होंने आगे कहा कि यदि करुणा दिखाई जाए और डर पर काबू पाया जाए तो दुनिया में किसी का कोई दुश्मन नहीं रहेगा। भागवत ने इस मौके पर “मैं” से “हम” की सोच अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “मैं-मेरा” की भावना ही सभी समस्याओं की जड़ है। अगर लोग “हम-हमारा” के दृष्टिकोण को अपनाएँगे, तो दुनिया की कई जटिल समस्याएँ खुद ही समाप्त हो जाएँगी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel