उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में शुक्रवार की शाम एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हालात अचानक बिगड़ गए। जानकारी के मुताबिक, केके दीक्षित नाम के व्यक्ति ने पैगंबर मोहम्मद और कुरान के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के वायरल होते ही इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ भड़क उठी और थाने का घेराव कर आरोपित को सौंपने की मांग करने लगी। थाने के बाहर लगातार ‘आरोपित सौंप दो’ और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे गूंजते रहे, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
हालाँकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ FIR दर्ज की। बावजूद इसके, भीड़ शांत नहीं हुई और लगभग तीन घंटे तक हंगामा जारी रहा। मौके का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को और भी भड़काने की कोशिश की। जब भीड़ ने थाने में घुसने का प्रयास किया और समझाने-बुझाने के सारे प्रयास विफल हो गए, तो पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। अंततः देर रात हालात काबू में आए।
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की। वहीं, एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि पुलिस ने त्वरित कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रण में किया और आगे भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
थाना सदर बाजार क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने की घटना पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही तथा जनपद वासियों से शांति व्यवस्था की अपील के सम्बन्ध में #SP_SHA की बाइट। @Uppolice @adgzonebareilly pic.twitter.com/9PislHnax7
— SHAHJAHANPUR POLICE (@shahjahanpurpol) September 12, 2025
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की। सात थानों की फोर्स, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। डीएम और एसपी ने खुद फ्लैग मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के दौरान पत्थरबाजी जैसी कोई बड़ी वारदात नहीं हुई और पुलिस पूरी तरह से हालात पर नजर रखे हुए है।