प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 28 नवंबर 2025, को गोवा के दक्षिणी जिले में स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊँची भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। मठ प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रतिमा दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊँची प्रतिमा मानी जा रही है। इस ऐतिहासिक प्रतिमा को पद्मभूषण सम्मानित प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने तैयार किया है—वही कलाकार जिन्होंने गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को भी डिजाइन किया था। पीएम मोदी दोपहर 3:45 बजे मठ परिसर में पहुँचेंगे, जहाँ उनके आगमन के लिए परिसर के भीतर ही एक विशेष हेलिपैड का निर्माण किया गया है।
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मठ परिसर के मंदिर में दर्शन करेंगे, जिसके बाद वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस समारोह में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक, तथा राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहेंगे। मठ की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास देम्पो ने बताया कि यह आयोजन मठ की 550 वर्षों पुरानी गौरवशाली परंपरा के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इसके तहत 27 नवंबर से 7 दिसंबर तक विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मठ परिसर, जिसका निर्माण लगभग 370 वर्ष पहले दक्षिण गोवा के कनकोना स्थित पर्तगल गाँव में हुआ था, उत्सव के दौरान प्रतिदिन 7,000 से 10,000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति का अनुमान है।
गोवा सरकार ने भी इस भव्य आयोजन की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है। राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री दिगंबर कामत ने बताया कि सदियों से आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित इस मठ का व्यापक पुनर्निर्माण कर इसे आधुनिक स्वरूप दिया गया है, ताकि बढ़ते श्रद्धालु और तीर्थयात्री यहाँ बेहतर सुविधाओं के साथ दर्शन कर सकें।
भगवान राम की यह विशाल प्रतिमा ऐसे समय में अनावरण हो रही है जब कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ‘धर्म ध्वज’ फहराकर एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत की थी। उस मौके पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, और हजारों साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई थी। उस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा था कि सदियों पुराने सांस्कृतिक घाव अब भर रहे हैं और देश एक नई आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के उदय का साक्षी बन रहा है।
गोवा में होने वाला यह कार्यक्रम भी उसी सांस्कृतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जो भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों और भगवान राम के आदर्शों को वैश्विक मंच पर पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ता है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel