कांग्रेस के वरिष्ठ दिवंगत नेता और पार्टी के सबसे प्रभावशाली रणनीतिकारों में शामिल रहे अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से बड़ा राजनीतिक संकेत दिया, जिसने कांग्रेस के भीतर हलचल तेज कर दी है। फैसल ने अपने पोस्ट में लिखा कि वे कांग्रेस से अलग होकर एक नया राजनीतिक समूह बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसका नाम ‘कांग्रेस (AP)’ रखने का सुझाव उन्होंने दिया। इसी पोस्ट में उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी बहन मुमताज पटेल भी इस नए समूह का हिस्सा बन सकती हैं।

फैसल की इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट कुछ ही मिनटों में तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया कि क्या अहमद पटेल का परिवार कांग्रेस से दूरी बनाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन जल्द ही स्थिति तब बदल गई जब मुमताज पटेल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट शब्दों में फैसल के दावे का खंडन कर दिया। उन्होंने लिखा कि उनका किसी भी नई पार्टी, नए समूह या किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि फैसल के विचार और निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत हैं और उनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है। मुमताज ने लोगों और मीडिया से भी आग्रह किया कि उन्हें इस विवाद में फैसल के साथ न जोड़ा जाए।
Just to clarify …I have no plans to join any new political party or be part of any new initiative. My brother’s views and decisions are entirely his own. Please do not link me to this. Thank you 🙏
— Mumtaz Patel (@mumtazpatels) November 29, 2025
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर संभावित असंतोष और बढ़ती दूरी की चर्चाओं को हवा दी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी पहले से ही कई राज्यों में आंतरिक मतभेद, गुटबाजी और चुनावी चुनौतियों से जूझ रही है। कर्नाटक में शक्ति संघर्ष, बिहार में हालिया हार और राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर होती पकड़ के बीच फैसल पटेल का यह बयान पार्टी की मुश्किलें और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अहमद पटेल अपनी जिंदगी में कांग्रेस के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाते थे, लेकिन अब उनके परिवार से जुड़े इन विवादों ने पार्टी के भीतर नई बेचैनी पैदा कर दी है।
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