गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में होने वाले पारंपरिक ‘At Home’ रिसेप्शन के लिए इस बार एक खास पहल की गई है। मेहमानों को भेजे गए निमंत्रण पत्र में भारत की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक शिल्पकला को अनोखे अंदाज में पेश किया गया है।
राष्ट्रपति भवन ने इस निमंत्रण को विशेष रूप से तैयार करवाया है ताकि ‘अष्टलक्ष्मी’ राज्यों—असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम—के कुशल कारीगरों और शिल्पकारों को सम्मानित किया जा सके। इन राज्यों के कलाकारों ने सदियों पुरानी परंपराओं और ज्ञान को संरक्षित रखा है, जो आज भी उनकी कला में झलकता है।
#WATCH | एट होम’ रिसेप्शन के लिए राष्ट्रपति भवन ने दिया विशेष निमंत्रण
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर ‘एट होम’ रिसेप्शन के लिए राष्ट्रपति भवन ने अतिथियों को विशेष रूप से तैयार निमंत्रण भेजा है।
यह निमंत्रण अष्टलक्ष्मी राज्यों के कुशल कारीगरों और शिल्पकारों को श्रद्धांजलि है, जो… pic.twitter.com/2ZiXOo02DZ
— One India News (@oneindianewscom) January 13, 2026
निमंत्रण पत्र में पूर्वोत्तर भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और हस्तशिल्प की झलक देखने को मिलती है। इसमें उन कलाओं को प्रदर्शित किया गया है जो पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती रही हैं और आज भी जीवंत हैं। इस पहल का उद्देश्य न केवल भारत की कला-संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है, बल्कि उन शिल्पकारों को भी प्रोत्साहित करना है जो अपनी मेहनत से इस विरासत को जीवित रखे हुए हैं।
राष्ट्रपति भवन की यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश में ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे प्रयास न केवल कारीगरों को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाते हैं। गणतंत्र दिवस का यह ‘At Home’ रिसेप्शन हमेशा से प्रतिष्ठित रहा है, लेकिन इस बार निमंत्रण पत्र ने इसे और खास बना दिया है। यह संदेश देता है कि भारत की ताकत उसकी विविधता और परंपराओं में निहित है।
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