छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई इलाके में धर्मांतरण के आरोप में दो महिला मिशनरी गिरफ्तार की गई हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सारिका डाडिंगे और प्रियंका साईमन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों महिलाएं इलाके में घूम-घूमकर लोगों से संपर्क कर रही थीं और विशेष रूप से एक लकवाग्रस्त व्यक्ति के परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाल रही थीं। मामला तब उजागर हुआ जब 36 वर्षीय घरेलू सहायिका रूखमणी पाण्डेय ने पुरानी भिलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 25 जनवरी 2026 को दो महिलाएं उनके घर पहुँचीं और बीमारी ठीक होने तथा आर्थिक मदद मिलने का लालच देकर धर्म परिवर्तन की बात करने लगीं।
परिवार ने उस समय कोई सहमति नहीं दी, जिसके बाद महिलाएं लौट गईं, लेकिन कुछ समय बाद दोनों आरोपित फिर से घर पहुँचीं और इस बार बाइबिल पढ़ने, ईसाई धर्म अपनाने और बेटी की शादी में सहयोग देने जैसे प्रलोभन देने लगीं। परिवार ने इसका विरोध किया और घटना की सूचना पुलिस को दी।
शिकायत के आधार पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जाँच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने सारिका डाडिंगे और प्रियंका साईमन को गिरफ्तार कर लिया। दुर्ग पुलिस के एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि दोनों आरोपितों को रिमांड पर लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।
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