एशिया के सबसे बड़े आदिवासी उत्सव मेदाराम जथारा में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। उत्सव के पहले दो दिनों में ही भक्तों द्वारा चढ़ाया गया कुल दान ₹6 करोड़ 04 लाख 53 हजार से अधिक पहुंच गया है, जो इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धा का प्रमाण माना जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, इस बार जथारा में पिछले वर्षों की तुलना में कहीं ज्यादा श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
हनमकोंडा स्थित TTD कल्याण मंडपम में कड़ी पुलिस सुरक्षा और लगातार CCTV निगरानी के बीच दान पेटियों की गिनती की गई। अधिकारियों ने बताया कि दो दिनों के भीतर कुल 285 दान पेटियों को खोला गया, जिनमें से केवल 160 पेटियों से ही ₹3,54,25,200 की राशि प्राप्त हुई। बाकी पेटियों की गिनती अभी जारी है और अंतिम आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
तेलंगाना के वारंगल में आयोजित प्रसिद्ध आदिवासी मेले, मेदाराम जथारा (2026), में पहले दो दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं द्वारा हुंडी में ₹6.04 करोड़ से अधिक का दान दिया गया है।
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— One India News (@oneindianewscom) February 7, 2026
इस वर्ष प्रशासन ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए 288 अतिरिक्त दान पेटियां लगाई हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 828 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था बढ़ती आस्था और उत्सव में उमड़ रही भारी भीड़ का संकेत है। आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिससे चढ़ावे की राशि में और बढ़ोतरी हो सकती है।
मेदाराम जथारा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का भी बड़ा प्रतीक माना जाता है। प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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