प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई बिल्डिंग ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तैयार यह आधुनिक प्रशासनिक परिसर अब भारत सरकार के शीर्ष संस्थानों का नया केंद्र बन गया है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण फैसलों पर हस्ताक्षर किए, जो महिलाओं, युवाओं, किसानों और कमजोर वर्गों को सीधे प्रभावित करेंगे।
साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ तक: प्रशासनिक बदलाव का नया अध्याय
अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होता था, लेकिन इसे कर्तव्य पथ पर बने नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह परिसर साउथ ब्लॉक से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
नई बिल्डिंग में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय अब एक ही स्थान से काम करेंगे, जिससे मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और तेज़ निर्णय प्रक्रिया संभव होगी।
आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रशासनिक परिसर
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स-1 और 2 को आधुनिक डिजिटल सुविधाओं, स्मार्ट सुरक्षा सिस्टम और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक के साथ तैयार किया गया है।
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4-स्टार GRIHA ग्रीन रेटिंग मानक
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रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम
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वाटर कंजर्वेशन और वेस्ट मैनेजमेंट
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डिजिटल रूप से इंटीग्रेटेड ऑफिस
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स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था
सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरण पर प्रभाव कम होगा।
At Seva Teerth earlier today, signed files that are connected with the empowerment of the poor, downtrodden, our hardworking farmers, Yuva Shakti and Nari Shakti. The key decisions include:
Approval for the launch of PM RAHAT scheme, as per which victims of accidents will get… pic.twitter.com/dVn5LyrVNX
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
कर्तव्य भवन से कई मंत्रालयों का संचालन
शाम को प्रधानमंत्री ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स-1 और 2’ का भी उद्घाटन करेंगे। इन भवनों से वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालय संचालित होंगे।
सेवा तीर्थ से पीएम मोदी के चार बड़े फैसले
नई बिल्डिंग से प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की:
1. पीएम राहत योजना
दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा, ताकि आपातकाल में इलाज की कमी से जान न जाए।
2. ‘लखपति दीदी’ मिशन का विस्तार
सरकार ने मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा।
3. कृषि अवसंरचना कोष दोगुना
किसानों के लिए कृषि अवसंरचना कोष को 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये किया गया, जिससे कृषि मूल्य श्रृंखला मजबूत होगी।
4. स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ डीप टेक, उन्नत विनिर्माण और इनोवेशन सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासनिक सोच में बदलाव का प्रतीक
सरकार के अनुसार, ‘सेवा तीर्थ’ सिर्फ नया कार्यालय नहीं बल्कि नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था का प्रतीक है। लंबे समय से अलग-अलग इमारतों में बिखरे सरकारी कार्यालयों के कारण समन्वय में जो समस्याएं थीं, उन्हें खत्म करने के उद्देश्य से यह नया परिसर बनाया गया है।
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