दिल्ली के भगवान दास रोड स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) लंबे समय से परफॉर्मिंग आर्ट्स का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब हरियाणा के रोहतक में स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (SUPVA) तेजी से कला जगत में अपनी पहचान बना रहा है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 85 किलोमीटर दूर स्थित यह संस्थान परफॉर्मिंग और विजुअल आर्ट्स के क्षेत्र में नई संभावनाओं का केंद्र बनता जा रहा है।
300 करोड़ की लागत से बना आधुनिक परिसर
2014 में स्थापित SUPVA ‘कला साधना परम दैवतम्’ के ध्येय वाक्य के साथ आगे बढ़ रहा है। 36 एकड़ के विशाल कैंपस को प्रसिद्ध आर्किटेक्ट राज रेवाल ने डिजाइन किया है और इसमें करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश किया गया।
हालांकि शुरुआती वर्षों में प्रशासनिक चुनौतियों, फैकल्टी की कमी और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण विश्वविद्यालय को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फिल्म और टीवी विभाग में देरी से कई बैच प्रभावित हुए, जिसके चलते छात्रों ने 2016 से 2023 तक कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए।
नए कुलपति के नेतृत्व में बदलाव की शुरुआत
साल 2025 में डॉ. अमित आर्य ने छठे कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला, जिसके बाद संस्थान में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगे। हरियाणा सरकार ने SUPVA को राज्य की सभी यूनिवर्सिटीज में फिल्म मेकिंग कोर्स शुरू करने के लिए मेंटर की जिम्मेदारी सौंपी।

साथ ही पंचकूला और गुरुग्राम में फिल्म सिटी परियोजनाओं की प्रक्रिया शुरू होने से राज्य में परफॉर्मिंग और विजुअल आर्ट्स के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
‘सारंग’ और ‘भारंगम’ महोत्सव से मिली राष्ट्रीय पहचान
SUPVA के पारंपरिक ‘सारंग’ महोत्सव को पुनर्जीवित कर इसे NSD के भारत रंग महोत्सव ‘भारंगम’ के साथ जोड़ा गया। फरवरी 2026 में आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम ने दिल्ली-NCR सहित राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी।
महोत्सव में रंगमंच, संगीत, नृत्य, कविता पाठ और लोक प्रस्तुतियों का शानदार संगम देखने को मिला। असम के शास्त्रीय नृत्य सत्रिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय थिएटर प्रस्तुतियों तक दर्शकों ने विविध सांस्कृतिक अनुभवों का आनंद लिया।
श्रीलंका के अपूर्वा थिएटर ग्रुप का नाटक ‘कोलम्बा हाथे थोराना’ विशेष आकर्षण रहा, जिसमें मानव रिश्तों की जटिलताओं को प्रयोगात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों और दर्शकों का जबरदस्त उत्साह
समापन समारोह में पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अवधी गीतों से माहौल को जीवंत बना दिया। अभिनेत्री मेघना मलिक सहित कई कलाकारों ने SUPVA की पहल की सराहना की।
करीब 60 वॉलंटियर्स और पूरे विश्वविद्यालय परिवार की भागीदारी से आयोजन सफल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि SUPVA अब NSD का एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है, जहाँ युवा कलाकारों को नए अवसर मिल रहे हैं।
हरियाणा में कला का नया अध्याय
डॉ. अमित आर्य के नेतृत्व में तैयार रोडमैप के तहत भविष्य में ऐसे बड़े आयोजन नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। SUPVA का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला शिक्षा और सांस्कृतिक संवाद को नई ऊँचाई देना है।
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