अमेरिका में टेक उद्योग से जुड़ा एक बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। कैलिफोर्निया की एक जूरी ने 2022 में Twitter को खरीदने के दौरान एलन मस्क द्वारा निवेशकों को गुमराह करने के आरोपों को सही ठहराया है।
हालांकि, जूरी ने यह भी साफ किया कि मस्क किसी संगठित धोखाधड़ी (फ्रॉड स्कीम) में शामिल नहीं थे।
शेयर बाजार पर पड़ा असर
जूरी के सामने पेश सबूतों के अनुसार, मई 2022 में मस्क के कुछ ट्वीट्स और सार्वजनिक बयानों से कंपनी के शेयरों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। उन्होंने डील को “होल्ड” पर रखने और प्लेटफॉर्म पर बॉट्स व फर्जी अकाउंट्स की संख्या पर सवाल उठाए थे।
उस समय कंपनी के CEO पराग अग्रवाल थे, जिनसे मस्क ने इन आंकड़ों को साबित करने की मांग की थी। इन बयानों के बाद एक ही ट्रेडिंग सत्र में कंपनी के शेयर लगभग 10% तक गिर गए, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
निवेशकों का दावा और संभावित हर्जाना
निवेशकों का आरोप है कि मस्क ने जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया ताकि कंपनी का मूल्य कम हो और वे इसे सस्ते में खरीद सकें। इस क्लास एक्शन केस में संभावित हर्जाना 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
मस्क की सफाई
मस्क के वकीलों ने फैसले को आंशिक झटका बताया है। उनका कहना है कि मस्क के बयान प्लेटफॉर्म पर बॉट्स और स्पैम को लेकर वास्तविक चिंताओं पर आधारित थे और इसे सिक्योरिटीज फ्रॉड नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील करने का संकेत दिया है।
ट्विटर डील का बैकग्राउंड
गौरतलब है कि एलन मस्क ने अप्रैल 2022 में ट्विटर को खरीदने का ऐलान किया था और अक्टूबर 2022 में करीब 44 अरब डॉलर में डील पूरी की। बाद में कंपनी का नाम बदलकर X कर दिया गया और इसे मस्क के अन्य बिजनेस वेंचर्स के साथ जोड़ने की दिशा में काम शुरू हुआ।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel