अर्धकुंभ मेले से पहले उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में नगर निगम ने एक बड़ा और अहम निर्णय लिया है। श्रद्धालुओं की आस्था और शहर की धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से पूरे शहर को मांस की दुकानों से मुक्त करने का फैसला लिया गया है।
मेयर का बड़ा ऐलान
हरिद्वार की मेयर किरण जायसवाल के अनुसार, शहर की सभी लाइसेंसी और अवैध मीट दुकानों को अब शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए सराय गाँव में एक विशेष कॉम्प्लेक्स तैयार किया गया है, जहां इन दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा।
सराय गाँव में तैयार 57 दुकानों का कॉम्प्लेक्स
नगर निगम ने सराय गाँव में 57 दुकानों का एक व्यवस्थित कॉम्प्लेक्स तैयार किया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के भीतर कच्चे मांस की बिक्री पूरी तरह बंद हो और धार्मिक आयोजनों के दौरान स्वच्छता और व्यवस्था बनी रहे।
पुराने नियमों का विस्तार
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि 1935 के नियमों के अनुसार हर की पौड़ी के 5 किलोमीटर के दायरे में पहले से ही मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध था।
अब:
- इस प्रतिबंध को पूरे शहरी क्षेत्र में लागू करने का प्रस्ताव पारित किया गया है
- नगर निगम उपनियमों में संशोधन किया गया है
- कच्चे मांस की बिक्री पूरी तरह शहर से बाहर होगी
आस्था और व्यवस्था को प्राथमिकता
यह निर्णय विशेष रूप से अर्धकुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से:
- शहर की धार्मिक गरिमा बनी रहेगी
- स्वच्छता और कानून-व्यवस्था बेहतर होगी
- श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा
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