असम के होजाई जिले में वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ा बेदखली अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत 5,250 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, जहां बुलडोजर चलाकर अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया। यह पूरी जमीन जमुना–मौदंगा आरक्षित वन (RF) क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसे अब असम सरकार ने वापस अपने नियंत्रण में ले लिया है।
इस अभियान की जानकारी देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “जमुना–मौदंगा RF सीमा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण का खेल खत्म। शांतिपूर्ण, कानूनी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए 5,250 बीघा भूमि पुनः प्राप्त करने का मिशन पूरा हुआ।” इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
GAME OVER for illegal encroachment at Jamuna–Moudanga RF.
Mission Completed as 5,250 bighas reclaimed through peaceful, lawful & decisive action.
No cheat codes needed. Consider this your warning: Illegal encroachment will NOT be tolerated. pic.twitter.com/9qmv5Eu2ua
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 3, 2026
मुख्यमंत्री ने अतिक्रमणकारियों को संदेश देते हुए आगे लिखा, “किसी भी तरह के ‘चीट कोड’ की आवश्यकता नहीं है। इसे अपनी चेतावनी समझें। अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उनके इस बयान को सरकार के सख्त रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वन भूमि पर करीब 1,250 बांग्लादेशी घुसपैठियों के परिवारों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इनमें से 152 परिवारों से जुड़े मामले गुवाहाटी हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं, जिसके चलते उन्हें फिलहाल बेदखली अभियान से अस्थायी रूप से बाहर रखा गया है। वहीं, शेष 1,098 परिवारों को सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बेदखल किया जा रहा है।
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