बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी दल प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं और एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में लगे हैं। इसी बीच, चुनाव आयोग ने एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी राजनीतिक दल एआई (AI) का गलत इस्तेमाल न करे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी वीडियो, झूठी जानकारी या भ्रामक कंटेंट सोशल मीडिया पर फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ECI directs political parties to adhere to MCC and relevant guidelines on the use of AI for synthetic videos targeting rival parties/candidates
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— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 9, 2025
आयोग ने सभी पार्टियों को निर्देश दिया है कि यदि किसी भी सामग्री को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है, तो उस पर स्पष्ट रूप से ‘AI-जेनरेटेड’ या ‘डिजिटल रूप से बदला गया’ (digitally altered) जैसा टैग लगाना अनिवार्य होगा। इससे मतदाताओं को यह समझने में आसानी होगी कि कौन-सी सामग्री वास्तविक है और कौन-सी तकनीक की मदद से बनाई गई है।
चुनाव आयोग ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि किसी प्लेटफ़ॉर्म पर गुमराह करने वाली या झूठी जानकारी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने यह भी कहा है कि चुनावी प्रचार सिर्फ नीतियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित होना चाहिए, न कि किसी की निजी जिंदगी या चरित्र पर हमले के जरिए।
आयोग की यह चेतावनी नई नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी इसी तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। अब, बिहार विधानसभा चुनाव में AI कंटेंट और फेक न्यूज पर निगरानी को और भी सख्त कर दिया गया है ताकि मतदाताओं तक सिर्फ सत्य और तथ्यात्मक जानकारी ही पहुंचे।
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