बिहार में आगामी नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ईवीएम मतपत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव करने का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं की सुविधा बढ़ाना और मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना है। नए दिशानिर्देशों के तहत, ईवीएम पर उम्मीदवारों की पहली बार रंगीन तस्वीरें दिखाई जाएंगी, जिससे मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार की पहचान आसानी से कर सकेंगे। उम्मीदवार का चेहरा मतपत्र पर तीन-चौथाई हिस्से में प्रदर्शित होगा, ताकि दृश्यता अधिक बेहतर हो और मतदाता बिना किसी भ्रम के सही उम्मीदवार को पहचान सके। इसके साथ ही उम्मीदवार और नोटा के क्रमांक अब अंतर्राष्ट्रीय भारतीय अंकों में मुद्रित किए जाएंगे और फ़ॉन्ट का आकार 30 रखा जाएगा, जो बोल्ड में लिखा जाएगा, ताकि यह पहले से अधिक स्पष्ट और पठनीय हो।
निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी उम्मीदवारों और नोटा के नाम एक समान फ़ॉन्ट प्रकार और बड़े फ़ॉन्ट आकार में छपे हों, जिससे मतपत्र की एकरूपता बनी रहे और पढ़ने में आसानी हो। ईवीएम मतपत्र 70 जीएसएम के कागज़ पर मुद्रित किए जाएंगे, और विधानसभा चुनावों के लिए गुलाबी रंग के कागज़ का उपयोग होगा, जिसका आरजीबी मान आयोग द्वारा निर्दिष्ट किया गया है।
यह कदम पिछले छह महीनों में ईसीआई द्वारा उठाए गए 28 पहलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाना और मतदाताओं के अनुभव को बेहतर करना है। आयोग ने चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49बी के तहत मौजूदा दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए इस नई पहल को लागू किया है।
इन सुधारों की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव से होगी और इसके सफल परीक्षण के बाद इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा। नए उन्नत ईवीएम मतपत्रों से मतदाता न केवल उम्मीदवारों की पहचान आसानी से कर सकेंगे, बल्कि मतदान में किसी भी तरह की गलती या भ्रम की संभावना भी कम हो जाएगी। यह पहल चुनाव की पारदर्शिता बढ़ाने, मतदाता सुविधा सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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