बिहार में गुरुवार (6 नवंबर 2025) को विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग हो रही है। पूरे राज्य में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव देखने को मिल रहा है। सुबह 7 बजे से ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुँचने लगे। इस चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है।
इन सीटों पर कुल 1,314 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 122 महिलाएँ शामिल हैं। इस चरण में 3 करोड़ 75 लाख से अधिक मतदाता मतदान कर रहे हैं। यह चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। राघोपुर, मोकामा, तारापुर, महुआ और अलीनगर जैसी सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प है। इस चरण में नीतीश सरकार के 16 मंत्री, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, राजद नेता तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, लोकगायिका मैथिली ठाकुर और अभिनेता खेसारी लाल यादव जैसे दिग्गज मैदान में हैं।
#WATCH | #BiharElection2025 | Family of an elderly woman carries her to a polling booth in Vaishali to vote for the first phase of the Assembly elections. pic.twitter.com/BGKq1BHKEq
— ANI (@ANI) November 6, 2025
पहले चरण में जिन जिलों में वोटिंग हो रही है, उनमें पटना, बेगूसराय, खगड़िया, दरभंगा, मुंगेर, नालंदा, वैशाली, समस्तीपुर, सीवान, छपरा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा, लखीसराय, शेखपुरा, बक्सर और भोजपुर शामिल हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। बुजुर्गों और महिलाओं में भी मतदान को लेकर उत्साह साफ दिखा। वैशाली में एक मतदान केंद्र पर एक बुजुर्ग महिला को परिवार के सदस्य कंधे पर बैठाकर बूथ तक ले गए—यह दृश्य लोकतंत्र की गहराई को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।
बिहार में आज लोकतंत्र के उत्सव का पहला चरण है। विधानसभा चुनावों में इस दौर के सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे पूरे उत्साह के साथ मतदान करें। इस मौके पर पहली बार वोट डालने जा रहे राज्य के अपने सभी युवा साथियों को मेरी विशेष बधाई। याद रखना है- पहले मतदान, फिर जलपान!
— Narendra Modi (@narendramodi) November 6, 2025
पहले चरण की वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी, जबकि नक्सल प्रभावित इलाकों—मुंगेर, जमालपुर, तारापुर, सिमरी बख्तियारपुर और महिषी—में मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कई संवेदनशील घोषित किए गए हैं। यहाँ वेबकास्टिंग और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने ईपिक कार्ड के अलावा 12 अन्य पहचान पत्रों से भी मतदान की अनुमति दी है। कुछ जगहों—बेगूसराय के बखरी और खगड़िया के परबत्ता—में ईवीएम गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं, जिन्हें तुरंत ठीक कर लिया गया।
इस चरण में NDA और महागठबंधन दोनों की प्रतिष्ठा दाँव पर है। NDA से जदयू के 57, भाजपा के 48 और लोजपा के 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि महागठबंधन से राजद के 71, कांग्रेस के 24 और वाम दलों के 14 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने 118 उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
हाई-प्रोफाइल सीटों की बात करें तो—
राघोपुर (वैशाली): यहाँ तेजस्वी यादव (राजद) और भाजपा के सतीश कुमार यादव के बीच कड़ा मुकाबला है। जनसुराज पार्टी की चंचल सिंह भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
मोकामा (पटना): दुलारचंद यादव की हत्या के बाद सुर्खियों में आई इस सीट पर अनंत सिंह (निर्दल) और वीणा देवी (राजद) के बीच जोरदार टक्कर है।
तारापुर (मुंगेर): उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (भाजपा) इस बार यहाँ से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला राजद के अरुण कुमार से है।
महुआ (वैशाली): तेज प्रताप यादव (निर्दल) अपने ही दल के उम्मीदवार मुकेश कुमार रोशन (राजद) और लोजपा के संजय सिंह से लड़ाई लड़ रहे हैं, जिससे यह सीट यादव परिवार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है।
अलीनगर (दरभंगा): भाजपा ने यहाँ लोकगायिका मैथिली ठाकुर को उतारकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उनका मुकाबला राजद के विनोद मिश्रा से है।
मतदान के दौरान नेताओं की बयानबाजी भी चर्चा में रही। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़हिया में मतदान के बाद विपक्ष पर हमला बोला और NDA की जीत का दावा किया। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि बिहार एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व को चुनेगा। RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि जनता बदलाव के मूड में है, जबकि JDU नेता नीरज कुमार ने कहा कि NDA को बेटियों का समर्थन मिल रहा है।
हाइटेक निगरानी में बिहार चुनाव
इस चुनाव में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। 1 लाख से ज़्यादा वेब कैमरों के जरिए राज्यभर के मतदान केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। पटना का हाईटेक कमांड सेंटर चुनाव का ‘नर्व सेंटर’ है, जहाँ 42 बड़ी स्क्रीन और 28 हाई-एंड कंप्यूटर सिस्टम के जरिए 90,172 मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की जा रही है। ईवीएम और मतदान कर्मियों की 2 लाख से अधिक गाड़ियों की GPS ट्रैकिंग भी हो रही है।
दिल्ली, पटना, जिला और प्रखंड—इन चार स्तरों पर निगरानी की इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ना और शिकायतों के समाधान के लिए रिकॉर्डेड सबूत उपलब्ध कराना है। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी, और तब तक यह हाईटेक सिस्टम सक्रिय रहेगा।
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