प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को मोतिहारी में एक मंच पर नजर आए, जहां दोनों नेताओं के बीच न सिर्फ आत्मीयता दिखी, बल्कि लंबे समय बाद उनके बीच राजनीतिक केमिस्ट्री भी नजर आई। इस रैली के दौरान नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी की खुले मंच से जमकर तारीफ की और केंद्र सरकार से मिली मदद के लिए आभार व्यक्त किया। नीतीश ने कहा कि “आपके नेतृत्व में ही सब काम हो रहा है” और कहा कि “हमने आपस में बात कर ली है, आज ही कैबिनेट में यह प्रस्ताव लाएंगे,” जिस पर पीएम मोदी मुस्कुराते नजर आए। नीतीश कुमार की ओर से मिल रही इस प्रशंसा और जनता की तालियों के बीच एक ऐसा भावुक क्षण आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विनम्रता के साथ नीतीश कुमार की ओर हाथ जोड़कर उन्हें धन्यवाद दिया।
नीतीश कुमार ने मंच से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करता हूं, इन विकास योजनाओं से बिहार को बहुत फायदा होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे खड़े होकर पीएम मोदी का अभिवादन करें। उन्होंने लालू यादव के शासनकाल को याद दिलाते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार में कोई काम नहीं होता था, लेकिन अब सभी क्षेत्रों में विकास हो रहा है।
उन्होंने बिजली के मुद्दे पर कहा कि अब राज्य में सभी परिवारों को मुफ्त बिजली दी जाएगी और बिजली के बिल का कोई खर्च नहीं लिया जाएगा। वहीं, वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन को बढ़ाकर ₹1100 किए जाने की घोषणा भी की। मोतिहारी रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को 7,000 करोड़ रुपये की सौगात दी, जिसमें आठ रेल परियोजनाएं, सात सड़क परियोजनाएं और तीन अन्य विकास योजनाएं शामिल थीं।
नीतीश कुमार ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि अगली बार अगर उनकी सरकार बनी तो एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान जिस तरह से नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और मंच पर उनके साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया, वह राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।