उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान समाज में जानबूझकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करने वालों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर समाज को बांटने और लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने सावन के पवित्र महीने और कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इन दिनों श्रद्धालु कांवड़ लेकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा भक्ति भाव से तय करते हैं, “हर हर बम” का जयघोष करते हुए चलते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका मीडिया ट्रायल किया जाता है और उन्हें उपद्रवी व आतंकवादी तक कहा जाता है।
#WATCH | Varanasi: UP CM Yogi Adityanath says, "Kanwar Yatra is ongoing. People from all social classes, from the working class to the upper class, are involved in this movement. There is a strong sense of unity, and no discrimination is evident… However, there is a media… pic.twitter.com/m0XAnlX4Om
— ANI (@ANI) July 18, 2025
सीएम योगी ने दो-तीन साल पहले की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था लेकिन उसके मुंह से “या अल्लाह” निकला, जिससे स्पष्ट था कि यह धार्मिक भावनाओं को भड़काने की सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने ऐसे तत्वों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने मुहर्रम के दौरान जौनपुर में हुई एक घटना का भी जिक्र किया, जहां तय सीमा से अधिक ऊंचा ताजिया ले जाने से हाई टेंशन लाइन की चपेट में आकर तीन लोगों की जान चली गई। इसके बाद हुई उपद्रव की स्थिति पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि “मैंने कहा था, लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे,” और यह बयान किसी ने चुनौती तक नहीं दी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुछ खास मानसिकता के लोग भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था को बार-बार अपमानित करने का काम करते हैं और ऐसे ही लोग सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष फैलाने के लिए सक्रिय रहते हैं। उन्होंने जनता से सतर्क रहने और इन प्रयासों को विफल करने की अपील की।