छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली स्थित स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल में गुरुवार (15 जनवरी 2025) को एक बड़ा घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 50 से अधिक परिवारों के कुल 104 लोगों ने सनातन धर्म में पुनः प्रवेश किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बीजेपी इकाई के उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव मौजूद रहे।
वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ स्वागत
घर वापसी करने वाले लोगों का स्वागत वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने प्रतीकात्मक रूप से लोगों के ‘पैर पखारकर’ उनका स्वागत किया। इस पूरे आयोजन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
"छत्तीसगढ़ को बंगाल कतई बन्ने नहीं देंगे"!
कल माँ रूद्रेश्वरी की पावन धरा सराईपाली में अनेकों धर्मान्तरित परिवार के 104 लोगो के पैर पखार कर सनातन धर्म मे "घर वापसी" कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ l
"धर्मांतरण के षड्यंत्र से पूरे भारत की जनसांख्यिकी बदल रही है। भारत के 800 जिलों… pic.twitter.com/yyPuyjrfoN
— Prabal Pratap Singh Judev (@prabaljudevBJP) January 16, 2026
धर्मांतरण पर जताई चिंत
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए धर्मांतरण को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने लिखा, “धर्मांतरण के षड्यंत्र से पूरे भारत की जनसांख्यिकी बदल रही है। भारत के 800 जिलों में से 200 जिलों में हिंदू अल्पमत में आ गए हैं। यह राष्ट्र सुरक्षा का गंभीर विषय है।”
‘छत्तीसगढ़ को बंगाल नहीं बनने देंगे’
उन्होंने आगे लिखा, “माँ रूद्रेश्वरी की पावन धरा सरायपाली में 104 लोगों की ‘घर वापसी’ कराई। छत्तीसगढ़ को बंगाल कतई बनने नहीं देंगे।” इस बयान के साथ उन्होंने घर वापसी कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए।
पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि वह अपने पिता स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव द्वारा शुरू किए गए घर वापसी अभियान को लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने पहले भी कई बार ऐसे अभियानों में हिस्सा लिया है और लोगों को अपनी सांस्कृतिक व धार्मिक जड़ों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।
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