महाराष्ट्र के नासिक में स्थित Tata Consultancy Services के दफ्तर से जुड़े यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण के प्रयासों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (SIT) को अब तक 20 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
इन शिकायतों को दर्ज करने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था, जिस पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने संपर्क किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें से कम से कम 4 महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें कार्यस्थल पर उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसी बातें शामिल हैं।
जाँच में सबसे बड़ी चुनौती
हालाँकि शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद जाँच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पीड़िताएं अभी तक औपचारिक रूप से सामने आकर FIR दर्ज नहीं करा रही हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कानूनी कार्रवाई के लिए यह आवश्यक है कि शिकायतकर्ता स्वयं आगे आकर बयान दर्ज कराएँ।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे सामाजिक दबाव, करियर पर असर पड़ने का डर और पहचान उजागर होने की आशंका जैसी वजहें हो सकती हैं, जो पीड़िताओं को सामने आने से रोक रही हैं।
शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की, तो उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया।
एक पीड़िता ने दावा किया कि जब उन्होंने कंपनी हेड से शिकायत की, तो उन्हें कहा गया— “तुमको क्यों हाईलाइट होना है, छोड़ दो।” वहीं, जून 2023 में एक अन्य पीड़िता ने अपने मैनेजर से मौखिक शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उसे सतर्क रहने की सलाह देकर मामला टाल दिया गया।
जाँच जारी, बढ़ सकती है कार्रवाई
SIT इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं। यदि पीड़िताएं सामने आकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराती हैं, तो इस मामले में कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है।
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