छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बरगढ़-बोलांगीर-महासमुंद डिवीजन में सक्रिय रहे 15 माओवादियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
इन माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया, जिससे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।
गंधमार्धन हिल्स क्षेत्र हुआ नक्सल मुक्त
संजीव पांडा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) ओडिशा ने बताया कि ये नक्सली गंधमार्धन हिल्स क्षेत्र में सक्रिय थे, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से लगा इलाका है।
#WATCH | Bhubaneswar, Odisha | Additional DGP Sanjeeb Panda says, "The Naxals were active in Gandhamardhan Hills area of bordering Chhattisgarh area of Mahasamun district. The entire Naxal team of 15 members, including their leader Sudarshan, surrendered in Chhattisgarh. With… https://t.co/i3oCTRZIig pic.twitter.com/3JBiCN5aS7
— ANI (@ANI) March 2, 2026
उन्होंने कहा कि नक्सलियों के लीडर सुदर्शन समेत कुल 15 सदस्यों की पूरी टीम ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया है।
ADGP के मुताबिक, इस सरेंडर के बाद गंधमार्धन हिल्स का इलाका अब नक्सली गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त हो गया है।
बरगढ़ और बोलांगीर जिले लगभग नक्सल मुक्त
संजीव पांडा ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद बरगढ़ और बोलांगीर जिले अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब ओडिशा में सक्रिय नक्सली मुख्य रूप से कंधमाल, कालाहांडी और रायगढ़ा के सीमावर्ती इलाकों तक ही सीमित रह गए हैं।
31 मार्च तक ऑपरेशन पूरा करने का लक्ष्य
ओडिशा पुलिस का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में करीब 30 नक्सली अभी भी सक्रिय हो सकते हैं। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और 31 मार्च तक अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि इन इलाकों में जल्द ही और सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे, ताकि राज्य को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा सके।
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