हिटमैन रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने पिछले दो वर्षों में दो बड़े आईसीसी इवेंट अपने नाम किए हैं। इन उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार कर दिया, लेकिन रोहित का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। उनके करियर में ऐसा दौर भी आया, जब वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे और संन्यास लेने तक का विचार करने लगे थे। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान रोहित ने उस कठिन समय को खुलकर याद किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
टीम इंडिया ने वनडे वर्ल्ड कप 2023 में शानदार प्रदर्शन किया था और पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रही, लेकिन फाइनल में मिली हार आज भी खिलाड़ियों और फैंस के दिलों में चुभती है। उसी हार को याद करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि वह पल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद कठिन था। उन्होंने बताया कि पूरी टीम निराश थी और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो गया।
#WATCH | Gurugram, Haryana | On 2023 World Cup, Former Indian Captain Rohit Sharma says, "everyone was very disappointed and we could not believe what happened. Personally, it was a very tough time because I had put everything into the World Cup since I took over as the… pic.twitter.com/PklR55mavS
— ANI (@ANI) December 21, 2025
रोहित ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत मुश्किल समय था, क्योंकि मैंने सिर्फ दो-तीन महीने नहीं, बल्कि 2022 में कप्तानी संभालने के बाद से ही इस वर्ल्ड कप के लिए सब कुछ झोंक दिया था। चाहे टी20 वर्ल्ड कप हो या 2023 का वनडे वर्ल्ड कप, मेरा एक ही सपना था—ट्रॉफी जीतना।” जब यह सपना पूरा नहीं हो सका, तो वह पूरी तरह टूट गए थे। उनके अनुसार, उस समय उनके शरीर और दिमाग में कोई ऊर्जा नहीं बची थी और खुद को संभालने में उन्हें कई महीने लग गए।
फाइनल में हार के बाद रोहित शर्मा की मानसिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्होंने संन्यास लेने तक के बारे में सोच लिया था। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा भी आया, जब मुझे सच में लगा कि मैं अब यह खेल नहीं खेलना चाहता। मुझे लगा कि क्रिकेट ने मुझसे सब कुछ छीन लिया है और मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है।” उस दौर में वापसी करना उनके लिए बेहद मुश्किल था और इसमें काफी समय और आत्ममंथन लगा।
हालांकि, रोहित ने यह भी बताया कि उन्हें यह एहसास था कि 2024 में अमेरिका और वेस्टइंडीज में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में कुछ खास होने वाला है और उन्हें अपना पूरा फोकस उसी पर लगाना है। उन्होंने खुद को बार-बार याद दिलाया कि क्रिकेट वही खेल है, जिससे वह दिल से प्यार करते हैं और जिसे वह इतनी आसानी से छोड़ नहीं सकते।
आखिरकार, उसी जुनून और आत्मविश्वास ने रोहित शर्मा को फिर से मजबूती से खड़ा किया। मुश्किल दौर से उबरकर उन्होंने न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि टीम इंडिया को दो बड़े आईसीसी खिताब भी दिलाए। उनकी यह कहानी बताती है कि असफलता के बाद टूटना स्वाभाविक है, लेकिन उससे उबरकर आगे बढ़ना ही असली जीत होती है।
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