बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या को लेकर इंडस्ट्रियल पुलिस के एसपी मोहम्मद फरहाद हुसैन खान ने फैक्ट्री प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। एसपी ने कहा कि यदि पायनियर निटवेयर्स लिमिटेड फैक्ट्री ने समय रहते पुलिस को सूचना दी होती, तो दीपू की जान बचाई जा सकती थी।
स्थानीय मीडिया से बातचीत में एसपी फरहाद हुसैन खान ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी रात करीब 8 बजे मिली, जबकि फैक्ट्री परिसर में हिंसा शाम लगभग 5 बजे से ही शुरू हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस मौके पर पहुँची, तब तक हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके थे और भीड़ उन्माद की स्थिति में थी।
पुलिस के अनुसार, दीपू चंद्र दास पर सोशल मीडिया के जरिए ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद फैक्ट्री में तनाव फैल गया। हालांकि बाद में रैपिड एक्शन बटालियन (RAB-14) ने स्पष्ट किया कि दीपू के फेसबुक प्रोफाइल पर कोई भी आपत्तिजनक या ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री नहीं पाई गई।
#WATCH ढाका, बांग्लादेश | मैमनसिंह में एक हिंदू युवक, दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग के विरोध में, बांग्लादेश में हिंदू धार्मिक संगठनों और अल्पसंख्यक समूहों ने नेशनल प्रेस क्लब के सामने प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/6efkaUleZm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 22, 2025
फैक्ट्री के एक सीनियर मैनेजर ने बताया कि हालात को शांत करने के प्रयास में दीपू से जबरन एक फर्जी इस्तीफा भी लिखवाया गया था, लेकिन इसके बावजूद उग्र भीड़ नहीं मानी। गुस्साई भीड़ ने फैक्ट्री का मुख्य गेट तोड़ दिया और सिक्योरिटी रूम में छिपे दीपू को बाहर घसीट लिया। इसके बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और अंततः उसकी हत्या कर शव को आग के हवाले कर दिया गया।
एसपी फरहाद हुसैन खान ने कहा कि उनका कार्यालय घटना स्थल से लगभग 15 किलोमीटर दूर था, जबकि भालुका थाना फैक्ट्री के काफी पास स्थित है। इसके बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से समय रहते पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “फैक्ट्री प्रबंधन का एक समय पर किया गया कॉल दीपू की जान बचा सकता था।”
वहीं दूसरी ओर, फैक्ट्री प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने दीपू को भीड़ के हवाले नहीं किया, बल्कि हालात को काबू में करने और उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में फैक्ट्री प्रशासन की लापरवाही को इस घटना का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
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