एशिया कप 2025 में टीम इंडिया की शानदार जीत ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। इस जीत के बाद भारतीय नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को जमकर ट्रोल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बाद खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी चुटकी लेते हुए एक्स पर पोस्ट किया – “सरहद पे भी हराया, मैदान पे भी हराया।” पीएम मोदी ने अपने संदेश में भारत की जीत को “ऑपरेशन सिंदूर” से जोड़ा और लिखा कि नतीजा वही रहा – भारत जीता। वहीं, रिजिजू ने जसप्रीत बुमराह और हारिस रऊफ की तस्वीर शेयर की जिसमें बुमराह हारिस रऊफ को आउट करने के बाद विमान गिरने का इशारा करते नजर आए। यह उसी इशारे का जवाब था जो हारिस रऊफ ने पिछले मैच में भारतीय फैंस के सामने किया था।
सरहद पे भी हराया, मैदान में भी हराया।#AsiaCupFinal
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) September 28, 2025
भारत की इस जीत से पाकिस्तान तिलमिला उठा। फाइनल मुकाबले के बाद पीएम मोदी के संदेश पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि मोदी क्रिकेट की संस्कृति और भावना को खत्म कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं और इससे उपमहाद्वीप में शांति और समाधान की संभावनाएं खत्म हो रही हैं।
#OperationSindoor on the games field.
Outcome is the same – India wins!
Congrats to our cricketers.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 28, 2025
दरअसल, एशिया कप 2025 शुरुआत से ही विवादों में रहा। टूर्नामेंट की मेजबानी भारत को मिली थी, लेकिन पाकिस्तान ने यहां खेलने से इनकार कर दिया। इसके बाद इसे संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया गया। कई भारतीय पहले से ही पाकिस्तान के साथ खेलने के पक्ष में नहीं थे। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए और हर बार भारत ने जीत हासिल की। खास बात यह रही कि किसी भी मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम से हाथ नहीं मिलाया, जिससे पाकिस्तान भड़क गया और टूर्नामेंट से नाम वापस लेने की धमकी देने लगा, हालांकि उसने ऐसा नहीं किया।
Pakistan deserves such punishment 👊 pic.twitter.com/gh3TVwSH4C
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) September 28, 2025
विवाद यहीं खत्म नहीं हुए। फाइनल जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। नाराज होकर नकवी ने ट्रॉफी किसी अन्य अधिकारी से दिलवाने के बजाय अपने पास रख ली। इस घटना पर बीसीसीआई ने आईसीसी में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।