प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बीजेपी और एनडीए सांसदों की बैठक को संबोधित किया। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सुशासन को मज़बूत बनाने के लिए नियमों और क़ानूनों को बेहतर और सरल बनाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नियम या क़ानून से जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इंडिगो संकट के बीच पीएम मोदी का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी।
इंडिगो की उड़ानें 2 दिसंबर से कैंसिल होना शुरू हुई थीं और एक सप्ताह तक संचालन प्रभावित रहा। हालांकि पायलटों का ड्यूटी नियम वापस लिए जाने के बाद उड़ानों की संख्या में तेज़ सुधार देखने को मिला है।
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने NDA संसदीय दल की बैठक के बाद कहा, "…प्रधानमंत्री मोदी ने सभी NDA सांसदों को देश के लिए और अपने संसदीय क्षेत्र के लिए, राज्य के लिए क्या-क्या करना है, उसके लिए मार्गदर्शन दिया है…प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों की जिंदगी… pic.twitter.com/oU3Lr8r0SH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2025
किरेन रिजिजू ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में किए जाने वाले कार्यों के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सुधार (Reforms) का अर्थ केवल आर्थिक या वित्तीय सुधारों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी कदमों से है जो आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाएँ। प्रधानमंत्री का कहना था कि कानून आम लोगों पर बोझ नहीं बनने चाहिए, बल्कि उन्हें सुविधा प्रदान करने के लिए होने चाहिए।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अपने तीसरे कार्यकाल में सरकार का लक्ष्य देश को तेज़ गति से आगे बढ़ाना है और इसके लिए सांसदों को और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए उन्हें इस जीत का प्रमुख शिल्पकार बताया।
प्रधानमंत्री ने सांसदों से आगामी बजट पर सुझाव देने, अपने संसदीय क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने और 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने सांसदों से कहा कि बैंकों में जनता के लगभग 78,000 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं, जिन्हें वापस दिलाने में वे लोगों की मदद करें।
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