केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कक्षा 12वीं की आंसर शीट जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन सिस्टम ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में गंभीर खामियां सामने आई हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए CBSE ने OSM सेवा देने वाली कंपनी Coempt Edu Teck पर आर्थिक जुर्माना लगाने का फैसला किया है।
सुरक्षा और डेटा में मिली खामियां
CBSE अधिकारियों के मुताबिक, हैदराबाद स्थित इस कंपनी के पोर्टल में सुरक्षा और डेटा प्रबंधन से जुड़ी कई समस्याएं पाई गईं। यह खामियां सिस्टम की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर आंसर शीट्स के री-इवैल्यूएशन को लेकर कई सवाल उठे। इसके बाद CBSE ने मामले की जांच करवाई, जिसमें पोर्टल में कमियां पाई गईं।
बोर्ड ने स्वीकार किया कि सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है और इसे अधिक सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं
टेंडर में पहले से थे सख्त नियम
CBSE के अनुसार, अगस्त 2025 में जारी OSM प्रोजेक्ट के टेंडर में सुरक्षा, डेटा प्रबंधन और तकनीकी खामियों को लेकर सख्त नियम बनाए गए थे।
इनमें सेवा स्तर समझौता (SLA) और जुर्माने के स्पष्ट प्रावधान शामिल हैं, ताकि किसी भी लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
किन मामलों में लगेगा भारी जुर्माना?
नियमों के अनुसार निम्नलिखित मामलों को गंभीर माना गया है:
- सूचना लीक होना
- सुरक्षा में चूक
- आंसर शीट स्कैनिंग में बड़ी गलतियां
- पन्नों का गायब होना
- डेटा सुरक्षा का उल्लंघन
- CBSE को दिए गए डेटा में गड़बड़ी
देरी पर भी लगेगा लाखों का जुर्माना
- समस्या तय समय में ठीक न होने पर हर 15 मिनट की देरी पर ₹1 लाख जुर्माना
- रिपोर्ट और सुधार कार्रवाई में देरी होने पर हर 60 मिनट पर ₹1 लाख जुर्माना
- सहायता सेवाएं, प्रशिक्षण और ऑनबोर्डिंग में देरी पर हर घंटे ₹5,000 अतिरिक्त जुर्माना
सिस्टम को और सुरक्षित बनाने की तैयारी
CBSE ने स्पष्ट किया है कि OSM प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सुधार प्रक्रिया जारी है। बोर्ड का लक्ष्य है कि भविष्य में परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
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