देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का पेपर लीक मामला अब एक बड़े संगठित रैकेट के रूप में सामने आया है। यह मामला राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, केरल और उत्तराखंड समेत कई राज्यों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सएप, टेलीग्राम और प्रिंट कॉपी के जरिए लाखों रुपये में बेचा गया।
CBI और राज्य पुलिस एजेंसियों की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क ने छात्रों से मोटी रकम लेकर परीक्षा में फायदा पहुंचाने का काम किया। अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच लगातार जारी है।
राजस्थान का बिवाल परिवार जांच के केंद्र में
इस पूरे मामले में राजस्थान के जमवारामगढ़ स्थित बिवाल परिवार का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। आरोप है कि परिवार के कुछ सदस्यों ने 30 लाख रुपये में पेपर खरीदा और उसे आगे फैलाया। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पेपर पहले परिवार के बच्चों को दिया गया और फिर धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क में फैलाया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह पेपर करीब 700 छात्रों तक पहुंचा। देहरादून से गिरफ्तार एक आरोपी पर आरोप है कि उसने इसे बड़े पैमाने पर छात्रों में बांटा।
CBI को मास्टरमाइंड की तलाश
CBI ने RJD के नेशनल सेक्रेटरी संतोष कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया है, जिसे इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर सबसे पहले कहां से लीक हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था।
जांच में महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक होने की आशंका भी जताई गई है, जहां से यह दस्तावेज गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा और फिर पूरे देश में फैल गया।
सोशल मीडिया से फैलाया गया पेपर
जांच में सामने आया है कि पेपर सबसे पहले PDF फॉर्म में व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए भेजा गया। इसके बाद इसे प्रिंट करके ऑफलाइन भी बेचा गया। जांच एजेंसियों को मोबाइल डेटा, चैट और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
परीक्षा परिणाम और पुराने सालों की जांच
CBI अब सिर्फ 2026 ही नहीं बल्कि 2025 के NEET रिजल्ट की भी जांच कर रही है। आरोप है कि पिछले साल भी इसी नेटवर्क के जरिए कई छात्रों का चयन मेडिकल कॉलेजों में हुआ था।
मानसिक तनाव और आत्महत्या के मामले
परीक्षा रद्द और विवाद के बाद छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। गोवा और उत्तर प्रदेश में दो छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए NEET-UG 2026 की री-एग्जाम 21 जून 2026 को कराने का फैसला किया है। एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जाएंगे। सरकार ने घोषणा की है कि भविष्य में परीक्षा पूरी तरह CBT (Computer Based Test) मोड में होगी ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel