हरियाणा के पलवल स्थित एक मस्जिद में नाबालिग हिंदू लड़की के कथित धर्म परिवर्तन और छेड़छाड़ के विरोध में रविवार (07 दिसंबर 2025) को एक बड़ी महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में 52 पालों ने हिस्सा लिया और पुलिस प्रशासन को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। निर्णय लिया गया कि यदि तय समय में सभी आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
महापंचायत में इस बात पर भी प्रस्ताव पारित किया गया कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक संबंधित मस्जिद को बंद रखा जाए। इसके अलावा एक 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जो कार्रवाई पूरी होने तक प्रशासन और सरकार के साथ नियमित बैठकें कर स्थिति की समीक्षा करेगी।
इधर, नूंह हिंसा के आरोपित बिट्टू बजरंगी ने भी महापंचायत में शामिल होने की कोशिश की। इस जानकारी के बाद पुलिस ने एहतियातन उन्हें उनके फरीदाबाद स्थित घर पर नजरबंद कर दिया, ताकि माहौल में तनाव न बढ़े।

पीड़ित परिवार को धमकियाँ और केस वापस लेने का दबाव
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महापंचायत में मौजूद पीड़ित लड़की के पिता ने बताया कि प्रशासन मामले में ढील बरत रहा है और उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
पीड़िता के पिता के अनुसार, मामले में एक मौलवी और एक नाबालिग लड़की को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन 7 आरोपित अभी भी फरार हैं। उनका कहना है कि परिवार को उन्हीं फरार आरोपितों से सबसे ज्यादा खतरा है। पीड़ित पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने जिन तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम FIR में दर्ज ही नहीं हैं।
मौलवी ने हिंदू लड़की का कलावा काटा, तिलक मिटाया
यह महापंचायत उस घटना के विरोध में आयोजित हुई, जिसमें एक हिंदू नाबालिग लड़की के साथ मस्जिद में कथित जबरन धर्मांतरण और छेड़छाड़ की बात सामने आई थी। पीड़ित पिता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 25 सितंबर 2025 की शाम उनकी 15 वर्षीय बेटी अचानक घर से लापता हो गई। कुछ देर बाद मस्जिद की दिशा से उसकी चीखने की आवाजें सुनाई दीं।
जब वे मस्जिद पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि मौलवी और एक अन्य व्यक्ति लड़की को कुरान देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे थे। उसके हाथ से कलावा और राखियाँ काट दी गई थीं तथा माथे पर लगा तिलक भी मिटा दिया गया था। उस पर जबरन नमाज पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा था। नाबालिग लड़की ने मौलवी पर छेड़छाड़ और बदतमीजी के आरोप भी लगाए। इस दौरान वहाँ 4–5 अन्य लोग और दो महिलाएँ मौजूद थीं।
पुलिस ने अब तक 2 नाबालिगों सहित कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत जाँच कर रही है।
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