उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। प्रशासन द्वारा मस्जिद मुस्तफा कादरी के खिलाफ चलाए जा रहे ध्वस्तीकरण अभियान में अब तक भवन का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा गिराया जा चुका है। शेष हिस्से को हटाने के लिए बुलडोजर और अन्य भारी मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई तहसीलदार न्यायालय के आदेश के आधार पर की जा रही है, जिसमें निर्माण को सरकारी भूमि पर अवैध बताया गया था।
55 फीट ऊंची मीनार को भी गिराया गया
रविवार को कार्रवाई के दौरान मस्जिद की लगभग 55 फीट ऊंची मीनार को भारी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा भवन के अग्रभाग, कई पिलरों और अन्य संरचनाओं को भी तोड़ा गया।
ध्वस्तीकरण अभियान में पोकलेन मशीन, बुलडोजर और हाइड्रा क्रेन जैसी भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को तहसीलदार न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद संबंधित निर्माण को सरकारी भूमि पर अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश जारी किए थे।
इसी आदेश के अनुपालन में राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) के जवानों को तैनात किया गया है।
पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या को रोका जा सके। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

परिसर से पोस्टर और झंडे मिलने का दावा
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मस्जिद परिसर से कुछ पोस्टर और एक हरे रंग का झंडा मिलने का मामला भी सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, परिसर से “I Love Muhammad” लिखे कई पोस्टर बरामद किए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने जामिया कमेटी से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें मुतव्वली जाकिर, जाकिर हुसैन, तसलीम, भूरे अली, शरफुद्दीन, दिल शरीफ, मोहब्बत अली और नन्हे सहित अन्य नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
एफआईआर के अनुसार, परिसर से कुल 49 पोस्टर बरामद किए जाने का दावा किया गया है। मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
संभल पुलिस का कहना है कि पोस्टरों और झंडे को लेकर जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित सामग्री किसने लगाई, कब लगाई गई और उसका उद्देश्य क्या था।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी प्रकार का कानून उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की कार्रवाई पर बनी हुई नजर
संभल में चल रही यह कार्रवाई प्रदेश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं दूसरी ओर, पूरे मामले पर स्थानीय लोगों, प्रशासन और पुलिस की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
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