उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के गोविंद नगर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। 12 वर्षीय एक बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसियों द्वारा लगातार ताने दिए जाने से बच्ची मानसिक रूप से परेशान थी, जबकि पुलिस शुरुआती जांच में पारिवारिक डांट-फटकार को भी एक संभावित कारण मानकर जांच कर रही है।
घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मेकअप बॉक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, बच्ची अपनी मां के साथ किराए के मकान में रहती थी। उसे मेकअप का शौक था और खेल-खेल में वह पड़ोस में रहने वाले एक किराएदार के घर से मेकअप बॉक्स अपने घर ले आई थी।
अगले दिन जब संबंधित परिवार को अपना सामान नहीं मिला तो उन्होंने इसकी जानकारी मकान मालिक और अन्य लोगों को दी। पूछताछ के दौरान बच्ची ने मेकअप बॉक्स अपने पास होने की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद सामान वापस कर दिया गया।
परिजनों ने लगाए ताने देने के आरोप
परिवार का आरोप है कि सामान वापस मिलने के बाद भी कुछ पड़ोसी बच्ची को “चोर” कहकर ताने दे रहे थे। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद बच्ची काफी परेशान रहने लगी थी।
हालांकि पुलिस अभी इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
घर में अकेली थी बच्ची
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार 6 जून 2026 की शाम बच्ची घर में अकेली थी। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
जब उसकी मां घर लौटीं तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस मोबाइल फोन, पारिवारिक परिस्थितियों और आसपास के लोगों के बयानों की भी जांच कर रही है।
शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली है कि मेकअप बॉक्स की घटना के बाद बच्ची को उसकी मां ने डांटा था।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सभी तथ्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवहार और भावनात्मक संवेदनशीलता को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के साथ संवाद, भावनात्मक सहयोग और सकारात्मक व्यवहार बेहद महत्वपूर्ण है। छोटी दिखने वाली घटनाएं भी कभी-कभी बच्चों पर गहरा मानसिक प्रभाव डाल सकती हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।
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