Amit Shah तीन दिवसीय Chhattisgarh दौरे पर हैं और सोमवार को वे बस्तर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा माना जा रहा है।
नेतानार से नए मिशन की शुरुआत
गृह मंत्री जगदलपुर एयरपोर्ट से सीधे Netanar village Bastar जाएंगे, जो वीर शहीद Gundadhur की जन्मस्थली है। यहीं से वे बस्तर में विकास के नए मॉडल की शुरुआत करेंगे।
सुरक्षा कैंप बनेंगे जन सुविधा केंद्र
नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बनाए गए सुरक्षा कैंप अब जन सुविधा केंद्रों में बदले जा रहे हैं।
इन केंद्रों में मिलेगी सुविधाएं:
- प्राथमिक स्कूल
- आंगनबाड़ी
- स्वास्थ्य सेवाएं
- सरकारी योजनाओं की जानकारी
- प्रशासनिक सेवाएं
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को विकास से जोड़ना और प्रशासन पर भरोसा बढ़ाना है।
विकास पर सरकार का फोकस
नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब बस्तर में विकास सरकार की प्राथमिकता बन गया है। इस मॉडल के तहत:
- ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार
- प्रशासनिक पहुंच मजबूत
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
आने वाले समय में बस्तर के अन्य सुरक्षा कैंपों को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
कौन थे वीर शहीद गुंडाधुर?
वीर शहीद Gundadhur बस्तर के प्रसिद्ध आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे।
- 1910 में अंग्रेजों के खिलाफ भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व
- जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष
- पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों को चुनौती
छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा दिया है और आदिवासी समाज उन्हें अपना गुरु मानता है।
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