Asaduddin Owaisi के परदादा को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। यह विवाद तब सामने आया जब कवि से कथावाचक बने Kumar Vishwas ने धार भोजशाला मामले पर ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया दी।
कुमार विश्वास का बयान
कुमार विश्वास ने कहा कि ओवैसी को अपने “कुलवंश और भारतीय सांस्कृतिक इतिहास” को पढ़ना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि:
- ओवैसी के पूर्वज कभी भारतीय परंपरा के साथ खड़े थे
- “परदादा भी उसी परंपरा में नतमस्तक होते थे”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर ओवैसी के वंश को लेकर चर्चा तेज हो गई।
ओवैसी का क्या है जवाब?
इस तरह के दावों को पहले भी खारिज करते हुए ओवैसी कह चुके हैं:
“हम सब आदम और हव्वा की औलाद हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार के हिंदू होने के दावे बेबुनियाद हैं और इनका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
पुराने दावे और विवाद
- 2017: बीजेपी नेता राकेश सिन्हा ने दावा किया कि ओवैसी के परदादा हैदराबाद के ब्राह्मण थे
- 2023: सोशल मीडिया पर भी इसी तरह के दावे वायरल हुए
- गुलाम नबी आजाद के बयान के बाद भी यह मुद्दा चर्चा में आया
हालांकि इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
धार भोजशाला विवाद से जुड़ा मामला
Bhojshala Dhar को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर ओवैसी ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा इतिहास, आस्था और राजनीति के बीच टकराव को दर्शाता है।
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