पाकिस्तान में एक बार फिर ‘अज्ञात गनमैन’ की मौजूदगी ने दहशत फैला दी है। इस बार निशाने पर था भारत का कुख्यात दुश्मन और लश्कर-ए-तोयबा का अहम चेहरा अमीर हमजा।
लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर हमलावरों ने उसे घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में अमीर हमजा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
फिल्मी अंदाज़ में हमला, एजेंसियां अलर्ट
हमलावरों ने जिस सटीकता और योजना के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। हमला कुछ ऐसा था जैसे किसी हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में होता है—चुपचाप आना, निशाना साधना और फिर गायब हो जाना।
इस घटना के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आतंकियों के खिलाफ कोई ‘टारगेट क्लीन-अप ऑपरेशन’ चल रहा है।
कौन है अमीर हमजा?
अमीर हमजा सिर्फ एक आम आतंकी नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का रणनीतिक दिमाग माना जाता है।
- हाफिज सईद का करीबी सहयोगी
- संगठन का विचारक और ब्रेनवॉश करने वाला चेहरा
- फंडिंग, भर्ती और आतंकी नेटवर्क संचालन में माहिर
- लश्कर की पत्रिका का संपादक और जिहादी साहित्य का लेखक
अमेरिका पहले ही उसे ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित कर चुका है।
आतंकी नेटवर्क में बढ़ी हलचल
2018 में जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा, तब हमजा ने ‘जैश-ए-मनकाफा’ जैसे नए नामों के जरिए नेटवर्क को जिंदा रखने की कोशिश की। इससे उसकी रणनीतिक भूमिका और भी स्पष्ट हो जाती है।
क्या लगातार टारगेट हो रहे हैं आतंकी?
हाल के वर्षों में पाकिस्तान में कई बड़े आतंकियों को इसी तरह निशाना बनाया गया है:
- 2026: बिलाल आरिफ सराफी
- 2025: फैसल नदीम, अबू सैफुल्लाह खालिद
- कराची में IC-814 केस से जुड़ा जाहूर मिस्त्री
इन घटनाओं ने संकेत दिए हैं कि आतंकी नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
बड़ा सवाल: अगला निशाना कौन?
अमीर हमजा पर हुए इस हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन ‘अज्ञात हमलावरों’ के निशाने पर अगला कौन है?
यह घटना न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आतंकी संगठनों के भीतर अब असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।
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